मऊ। निकाय चुनाव 2012 सामान्य निर्वाचन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत एवं स्थानीय निकाय ने मान्यता प्राप्त, अमान्यता प्राप्त, पंजीकृत दल एवं निर्दलों के लिए 42 प्रतीक चिह्नों की घोषणा कर दी है। इस संबंध में सभी जिलों को प्रतीक चिह्नों की सूची भी भेजी जा चुकी है। नगर पालिका, नगर पंचायत में सभासद और नगर निगमों में पार्षद पद के प्रत्याशी इस चुनाव में तोप और बंदूक लेकर मैदान में होंगे। आयोग ने इन चुनाव चिह्नों के सहित कुल 42 चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं।
जून माह में प्रस्तावित निकाय चुनाव को लेकर जिला प्रशासन अपनी तैयारी लगभग पूर्ण कर चुका है। आयोग भी अभी भले ही अधिसूचना जारी नहीं किया है, लेकिन सभी कवायदों में लगा हुआ है। इसके तहत नगर पालिका और नगर पंचायतों में सदस्य पद एवं नगर निगमों में पार्षद पद के लिए चुनाव चिह्नों की घोषणा भी कर दी है। मान्यता प्राप्त, अमान्यता प्राप्त, पंजीकृत दल एवं निर्दलों के लिए कुल 42 चुनाव चिह्नों को नए सिरे से हरी झंडी दी गई है। इनमें अधिकांश चुनाव चिह्न पंचायत चुनावों से संबंधित ही हैं। सदस्य एवं पार्षद के लिए आवंटित चुनाव चिह्नों में अनाज ओसाता किसान, ओखली, आम, इमली, उगता सूरज, खजूर का पेड़, खड़ाऊं, कलम और दवात, गमला, कार, गले का हार, किताब, गुलाब का फूल, कुल्हाड़ी, घंटी, केला, चश्मा, तरकस, छाता, तराजू, झोपड़ी, ताला चाबी, तोप, त्रिशूल, ट्रैक्टर, धनुष, झमरू, धान का पेड़, ढोलक, नाव, पत्तियां, पालकी, बिजली का बल्ब, पुल, पेंसिल, बेंच, फावड़ा, बैलगाड़ी, फुटवाल, भुट्टा, बंदूक और मोटरसाइकिल को शामिल किया है।
आयोग ने प्रतीक चिह्नों के चयन में आम लोगों में प्रचलित वस्तुओं को ही ज्यादा जगह दी है। साथ ही खेती बाड़ी एवं गांव से लेकर शहर में शामिल रोजमर्रा की वस्तुओं को ज्यादा तरजीह दी है। इस संबंध में सहायक निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि आयोग ने नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के सदस्य पद के लिए 42 मुक्त प्रतीक चिह्नों को राष्ट्रीय एवं राज्यीय दलों को छोड़कर अन्य के लिए प्रयोग में लाए जाने की सूचना जारी की है। इससे संबंधित तैयारी की जा रही है।