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फर्जी दाखिले सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में ज्यादा

Meerut Updated Sun, 13 Jan 2013 05:30 AM IST
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मेरठ। स्नातक और परास्नातक दाखिले में हुए फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आने के बाद सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में हड़कंप मच गया है। सूत्रों की मानें तो तय तिथि के बाद किए गए दाखिले के अधिकांश मामले सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के ही हैं। मामले को लेकर चौ. चरण सिंह यूनिवर्सिटी ने पंजीकरण और दाखिलों के डाटा की चेकिंग शुरू कर दी है।
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परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया शुरू होते ही सीसीएसयू में छात्रों ने शिकायत दर्ज कराई, तो दाखिलों को लेकर हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सीसीएसयू ने नौ जिलों के ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के 14 हजार छात्रों के दाखिलों को मानने से इंकार कर दिया। इससे विद्यार्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। जानकारी के अनुसार सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों ने छात्रों को गुमराह कर फर्जी तरीके से दाखिले कराए। यह भी कहा जा रहा कि सेल्फ फाइनेंस कॉलेज ने सेक्शन बढ़ाने की जो डिमांड भेजी थी, उसकी स्वीकृति से पहले ही दाखिले करा लिए। तीन सेक्शन बढ़ाने की डिमांड की और तीनों पर ही दाखिले करा लिए, जबकि जबकि शासन से एक या फिर दो सेक्शन बढ़ाने की ही अनुमति मिली। सीसीएसयू के पास ऐसे 14 हजार छात्रों का डाटा ही नहीं है। मामला का खुलासा होने के बाद कॉलेज प्रबंधक बोलने को तैयार नहीं है।
दाखिले कंफर्म न होने के संबंध में जो भी शिकायतें मिली हैं, उनकी जांच की जा रही है। जिन दाखिलों में विवि को फर्जीवाड़े का अंदेशा है, उनकी जांच की जा रही है।
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- विक्रम चंद्र गोयल, कुलपति, सीसीएसयू
कॉलेजों ने छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया है। इसकी पूर्ण जांच कराकर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
- संजीव दुर्जन, सीसीएसयू, छात्रसंघ अध्यक्ष
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