मेरठ। प्रेम निवास अनाथालय में दुराचार के प्रयास की पीड़िता बच्ची के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। डीएम के आदेश पर जांच करने पहुंची प्रशासनिक टीम ने इसका खुलासा किया है। बच्ची की हालत देखते हुए उसे एक सरकारी संस्था में शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने शनिवार को भी मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की और हिरासत में लिए आरोपी चौकीदार को भी छोड़ दिया।
सदर बाजार क्षेत्र के प्रेम निवास अनाथालय में शुक्रवार को 12 साल की मूक बधिर बच्ची से चौकीदार नारायण ने दुराचार का प्रयास किया था। शनिवार को जिलाधिकारी नवदीप रिणवा के आदेश पर जिला प्रोविजन अधिकारी यतेंद्र कुमार सिंह, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रवि मल्होत्रा और तीन सदस्य की टीम प्रेम निवास अनाथालय पहुंची। टीम ने पीड़िता मूक बच्ची से पूछताछ की। टीम के सामने ही वह फूट-फट कर रो पड़ी। उसके शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। टीम में एक महिला सदस्य भी मौजूद थी, जिसने बच्ची से अकेले में पूछताछ की।
मजिस्ट्रेटी जांच होगी
प्रशासनिक टीम का कहना है कि बच्ची की हालत देखकर साफ जाहिर है कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। बच्ची ने रो-रोकर अधिकारियों को आपबीती बताई, लेकिन मूक होने के चलते अधिकारी उसकी बात समझ नहीं पाए। उन्होंने बताया कि अनाथालय के कर्मचारियों ने पीड़िता बच्ची की उम्र 27 वर्ष बताई, जबकि पीड़िता से पूछने पर उसने 12 लिखकर बताया। टीम ने बताया कि पीड़ित बच्ची की काउंसलिंग और मेडिकल परीक्षण कराकर मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। जिला प्रोविजन अधिकारी ने सदर पुलिस को मामले को गंभीरता से लेने की हिदायत दी। बच्ची की हालत देखकर अधिकारियों ने उसे लालकुर्ती प्रशिवृत्ति देखरेख संगठन में शिफ्ट कराया है।
आरोपी को अनाथालय छोड़ आई पुलिस
शुक्रवार को सदर पुलिस ने आरोपी चौकीदार नारायण को हिरासत में ले लिया था। पुलिस की मानें तो आधी रात को आरोपी की तबीयत बिगड़ गई। पुलिस को उसे अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय अनाथालय पहुंचा दिया। अनाथालय में जांच करने पहुंची प्रशासनिक टीम ने आरोपी से पूछताछ करने का प्रयास किया, लेकिन बीमारी का बहाना कर टीम से उसे दूर ही रखा गया। इस मामले में पुलिस भी किनारा करती नजर आ रही है।
अनाथालय का घोटाला उजागर किया
जिला प्रोविजन अधिकारी यतेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रेम निवास अनाथालय में कई घोटाले उजागर हुए हैं। दरवाजे पर लगे चार्ट में कर्मचारी और अनाथालय में मेल फीमेल की संख्या लगी हुई है। चार्ट के अनुसार अनाथालय में रहने वाले कर्मचारी और लोगों की संख्या में अंतर पाया गया है। इसके अलावा अनाथालय में दो महिलाओं की मौत हुई, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों को कोई सूचना नहीं दी गई। इस मामले में अनाथालय इंचार्ज से संपर्क कराने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने बात करने से मना कर दिया।