मेरठ। जिस समय सेना के जवानों को युद्ध अभ्यास करना चाहिए, उस समय ये जवान पुलिस की नाकाम व्यवस्था को पुख्ता करने में जुटे हैं। जिसका असर उनके प्रतिदिन के अभ्यास पर पड़ रहा है। इसे लेकर सेना भी चिंतित है।
सेना के 25 प्रतिशत जवान शिफ्ट में मेरठ के अलावा युद्ध अभ्यास के लिए बाहर जाते हैं, जबकि 75 प्रतिशत जवान हर समय सैन्य यूनिट में मौजूद रहते हैं। जिन्हें बारी-बारी से युद्धाभ्यास के लिए भेजा जाता है। वर्तमान में भी कई टुकड़ियां अभ्यास के लिए बाहर गई हुई हैं। यूनिट पर रहने के दौरान सैनिक का अभ्यास जारी रहता है। मई में भी जवानों को यद्ध अभ्यास के लिए जाना है। सेना द्वारा माल रोड और औघड़नाथ मंदिर मार्ग पर दो शिफ्ट में 60 से 80 जवानों को लगाया गया है। जो चार से छह घंटे की शिफ्ट में पुलिसिंग कर रहे हैं। सब एरिया कमांडर मेजर जनरल वीके यादव का कहना है कि निश्चित तौर पर जवान पुलिसिंग करने के लिए नहीं है। विभिन्न यूनिट से ऐसे जवानों को लिया गया है, जो अभ्यास के लिए नहीं जा रहे, लेकिन इससे उनके दिनचर्या पर असर तो पड़ता ही है।