मेरठ। यूजीसी नेट के फॉर्म भरने में फर्जीवाड़ा हुआ है। एक अभ्यर्थी ने दो-दो फॉर्म भर डाले। एक नहीं अलग-अलग विषय से फॉर्म भर दिए। सीसीएसयू ने स्क्रूटनी में इस तरह के 88 मामले पकड़े हैं। फॉर्म भरने में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा एजूकेशन में हुआ है। फॉर्म भी सबसे ज्यादा करीब चार हजार एजूकेशन में भरे गए हैं। फॉर्म की स्क्रूटनी में जिस तरह के मामले पकड़े गए हैं, उससे गड़बड़ होने का शक है। परीक्षा पास करने में रैकेट के शामिल होने से इनकार नहीं किया जा सकता। विवि ने इस बारे में यूजीसी को सूचना दे दी है।
30 जून को नेट की परीक्षा है। सीसीएसयू के नेट कोआर्डिनेटर प्रो. नवीन चंद्र लोहनी के मुताबिक कुल 17280 फॉर्म भरे गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 88 ऐसे मामले पकड़ में आए हैं, जिन्होंने दो-दो आवेदन कर दिए। कुछ ऐसे हैं जिन्होंने अलग-अलग विषय में आवेदन किए हैं, जबकि एक दिन में एक ही वक्त परीक्षा होनी है। यूजीसी को इस बारे में अवगत करा दिया है। इन आवेदकों से 10 जून तक लिखित में मांगा है कि वह बताए कि उनका कौन सा आवेदन माना जाए। अगर जवाब नहीं आता है तो विवि अपने हिसाब से एक आवेदन निरस्त कर देगा। लिखित आवेदन रजिस्टर डाक से जिस पते पर नेट का फॉर्म भेजा गया है, उसी पते पर भेजना होगा। तीन आवेदन पत्र खाली प्राप्त हुए। ये आवेदन बच्चा पार्क के नजदीक एक पते से भेजे गए। तीनों आवेदन में ब्लैंक कागज थे, जिन पर क्रास का निशान था। तीन महिलाओं के नाम एक ही राइटिंग में लिखे थे। उधर, सेंटर निर्धारण का काम चल रहा है। शहर में करीब 20 केंद्रों पर परीक्षा होगी।
दो हजार फॉर्म अधूरे
सीसीएसयू को प्राप्त हुए नेट के फॉर्म में करीब दो हजार अधूरे हैं। जाति प्रमाण पत्र और अटेंडेंस शीट फॉर्म के साथ नहीं लगाई है। विवि की तरफ से आवेदकों को फोन करके इसकी जानकारी भी दी गई है।