मेरठ। सपा नेताओं की गुटबाजी लखनऊ में नेताजी के दरबार में भी सामने आई। कुछ कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अनदेखी का आरोप लगाया तो कुछ ने निजी कार्यक्रमों में आमंत्रित न करने की बात भी सपा मुखिया के सामने कही। कुछ ने यहां तक कह दिया कि मेरठ में सपा को सबसे ज्यादा नुकसान सपाई ही कर रहे हैं और गुटबाजी चरम पर है। समीक्षा बैठक के बाद सपा मुखिया ने कहा कि सब एक दूसरे के साथ मिलकर काम करें और प्रत्याशी को जिताने का काम करें।
लखनऊ में सोमवार को मेरठ लोकसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक थी। बैठक में पार्टी के प्रत्याशी की स्थिति और संगठन को लेकर चर्चा शुरू हुई। इसके बाद सभी पदाधिकारियों से अपनी बात रखने को कहा गया। मेरठ दक्षिण विधानसभा से चुनाव लड़े आदिल चौधरी ने सपा प्रत्याशी पर आरोप लगाया कि वह उनकी दादी की मौत में नहीं आए। इस पर सपा मुखिया ने मंत्री को ऐसे मामलों में शरीक होने की हिदायत दी। सपा नेता अतुल प्रधान ने भी अपनी अनदेखी की बात कही। अतुल प्रधान ने कहा कि सपा जिलाध्यक्ष के बेटे की शादी में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया। हालांकि इस पर जिलाध्यक्ष ने सफाई दी और कहा कि इस बारे में अतुल प्रधान को सूचित किया गया था।
बैठक में पिछले दिनों हुए पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में कुछ नेताओं की अनदेखी की बात भी कही गई। अतुल प्रधान ने कहा कि वह अपने समर्थकों के साथ तीन किलोमीटर तक मार्च करने के बाद सम्मेलन पहुंचे थे लेकिन उन्हें सम्मेलन में बोलने नहीं दिया गया। इस पर सम्मेलन में विधायकों को बोलने का मौका ने देने की बात भी उठी। गुटबाजी की बात पर सपा मुखिया ने रफीक अंसारी से पूछा तो उन्हाेंने स्पष्ट कहा कि पार्टी कई गुटाें में बंटी हुई और इसका खामियाजा लोकसभा चुनावों में उठाना पड़ सकता है। इस पर पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि सभी को मिलजुल कर काम करना चाहिए। मेरठ में कैंट विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। सपा मुखिया ने सभी पदाधिकारियों ने सीधे-सीधे बात की। समीक्षा बैठक में लोकसभा प्रभारी रामसकल गुर्जर की रिपोर्ट के बिंदुओं के लिहाज से भी सवाल पूछे गए। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस दौरान मौजूद रहे।