मेरठ। कैंट बोर्ड के एक्जिक्यूटिव इंजीनियर ने बंगलों में अनाधिकृत सिनेमा हॉल का नक्शा पास करने, रक्षा भूमि पर अवैध निर्माण कराने समेत सभी आरोपों को खारिज किया है। सीईई ने कैंट बोर्ड सीईओ द्वारा जारी चार्जशीट का जवाब देते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
28 नवंबर-2013 को बोर्ड की विशेष बैठक में बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल वीके यादव ने चर्चा के बाद सीईई अनुज सिंह के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। साथ ही मध्य कमान से जांच अधिकारी नियुक्त करने की सिफारिश की थी। इस पर मध्य कमान ने हाल में लखनऊ कैंट बोर्ड की मुख्य अधिशासी अधिकारी शोभा गुप्ता को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। दूसरी ओर, बोर्ड में हुए फैसले के तहत सभी सात आरोपों पर सीईओ डॉ. डीएन यादव ने सीईई को चार्जशीट जारी की। इसके बाद सीईई ने खुद पर लगे सभी आरोपों का बिंदुवार जवाब कैंट बोर्ड प्रशासन को सौंपा है। कैंट बोर्ड प्रवक्ता एमए जफर ने बताया कि सीईई की चार्जशीट का जवाब बोर्ड को दे दिया है। इसमें उन्होंने प्रत्येक आरोप पर दलील दी है। मोटे तौर पर उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है।
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सीईई पर लगे हैं ये आरोप:
- बंगला नंबर-167 चैपल स्ट्रीट के भवन नक्शे को गैर कानूनी स्वीकृति में संलिप्तता।
- बंगला नंबर-22बी में निरंतर अनाधिकृत निर्माण।
- हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए दुकान संख्या-340 एबीसी रंगसाज मोहल्ला के प्रथम तल पर अनाधिकृत निर्माण।
- छावनी क्षेत्र में विभिन्न बंगलों में शॉपिंग-आवासीय कॉम्प्लेक्सों में अनाधिकृत निर्माणों का पता लगाने।
- सूचित करने में लापरवाही और जमीन पर हुए निर्माणों से बेमेल रिपोर्ट। साथ ही जीओसी इन चीफ द्वारा खारिज अनाधिकृत निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न करने।
- हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज करने के बाद भी बंगला नंबर-177 चैपल स्ट्रीट में लगे अवैध मोबाइल टॉवर को हटाने में लापरवाही बरती। आरए बाजार और रंगसाज मोहल्ला में अवैध मोबाइल टॉवरों के निर्माण को रोकने में भी लापरवाही।
- कैंट बोर्ड के ट्रेंचिंग ग्राउंड की सी क्लास भूमि पर अवैध खेती को रोकने की कार्रवाई नहीं की।
- बंगला नंबर-195-1 दिल्ली रोड में उसे हरे पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी, जो वैध कब्जेदार नहीं है।