मेरठ। अवैध रूप से खुले मिनी कमेलों के खिलाफ जनहित याचिका दायर हुई है। इसमें कहा गया कि मांस आपूर्ति का जिम्मा नगर निगम का है। उसे खुद सप्लाई की व्यवस्था करानी चाहिए। लेकिन नगर निगम 10 प्रतिशत लोगों के लिए 90 प्रतिशत लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। इस याचिका पर 23 अप्रैल को सुनवाई होनी है।
आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि करीब छह माह से घोसीपुर स्थित नगर निगम का कमेला बंद है। बावजूद इसके शहर में लगातार मांस आपूर्ति हो रही है। लोकेश खुराना ने कोर्ट में कई जगह के फोटो हाईकोर्ट में साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस समय मुस्लिम आबादी की संकरी गलियों में पशु कटान धड़ल्ले से हो रहा है। खुली नालियों में पशुओं का खून और अवशेष बहाए जा रहे हैं। इससे भूगर्भ जल के साथ ही वायु प्रदूषण भी हो रहा है। लोकेश खुराना ने दलील दी कि इस काम में मात्र 10 प्रतिशत लोग जुड़े हैं, लेकिन नगर निगम इन पर नियंत्रण के बजाए 90 प्रतिशत आबादी से खिलवाड़ कर रहा है।