मेरठ। सीसीएसयू के पूर्व कुलपति डॉ. एसपी ओझा और पूर्व रजिस्ट्रार एके बर्नवाल को हाईकोर्ट ने नोटिस दिया है। एक महीने के अंदर इनको जवाब दाखिल करना है। मामला मूल्यांकन घोटाले से जुड़ा है।
डॉ. एपी गर्ग ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर 23 अगस्त 2006 को हुई कार्य परिषद बैठक की प्रोसेडिंग को गलत बताया था। यह मामला कोर्ट में है। हाल में विवि ने इस प्रोसेडिंग से जुड़ी फाइल गायब होने पर कमेटी सेल इंचार्ज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। डॉ. गर्ग का आरोप है कि प्रोसेडिंग फर्जी है। हाईकोर्ट ने तत्कालीन कुलपति डॉ. एसपी ओझा और रजिस्ट्रार एके बर्नवाल को नोटिस देकर एक महीने में जवाब मांगा है। साथ ही यह सहूलियत दी है कि वह विवि के काउंसलर के मामले से जुड़ा ओरिजनल रिकार्ड देख सकते हैं, उसके बाद जवाब दाखिल करें। अगली सुनवाई तीन जुलाई को होगी। मामला यह है कि 2006 में आगरा में मूल्यांकन घोटाला सामने आया था। आगरा को परीक्षा केंद्र बनाने के बारे में विवि ने जवाब दिया कि केंद्र डॉ. एपी गर्ग ने बनाया था। इसकी जांच के लिए कार्य परिषद ने जांच समिति गठित की थी।