मेरठ। 15 हजार रुपये के इनामी गैंगेस्टर मलखान को पुलिस ने मरा मान लिया है। उसके खिलाफ वर्ष 2001 में थाना परतापुर पर लूट का केस दर्ज हुआ था। 2004 में जेल से छूटने के बाद से लापता था। हाईकोर्ट ने मलखान को कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए। लेकिन उसका सुराग तक नहीं लगा। अब परतापुर थाना पुलिस ने मलखान के मरने की पुष्टि करते हुए हाईकोर्ट में शपथपत्र दाखिल किया है।
यह था मामला
19 अक्तूबर 2001 को गांव कलंजरी निवासी नवीन पुत्र सेंसरपाल ने थाना परतापुर पर बाइक और 40 हजार रुपये की लूट का केस दर्ज कराया था। 9 दिसंबर 2001 को थाना मुरादनगर पुलिस ने मलखान उर्फ नरेश पुत्र गंगा गिरी निवासी झड़ीना, गढ़मुक्तेश्वर, सनोज उर्फ सोनू निवासी लंकापुरी मोदीनगर, मनोज निवासी दबथुवा सरधना और चुन्नू निवासी भागलपुर बिहार को गिरफ्तार कर नवीन की बाइक बरामद की थी। परतापुर पुलिस ने चारों अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर केस चार्जशीट कर दिया था। 13 फरवरी 2004 को जेल से रिहा होने के बाद मलखान लापता हो गया था।
यह हुई कवायद
जांच में सामने आया कि जेल से छूटने के बाद मलखान एक लड़की को लेकर फरार हो गया था। थाना परतापुर के पांच साल के कार्यकाल में तैनात रहे थाना प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष और विवेचकों के अलावा क्राइम ब्रांच और एसओजी ने मलखान की तलाश में 267 बार गाजियाबाद और मेरठ में दबिश दीं। लेकिन सुराग नहीं लगा। सीओ ब्रह्मपुरी विजय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को बताया कि मलखान की तलाश में हमने कोई कसर नहीं छोड़ी। 2006 में मलखान के खिलाफ हत्या के मामले में उसकी बहन रेखा पत्नी सुनील निवासी शाहपुर, मोरटा गाजियाबाद ने शपथपत्र दिया था कि जून 2006 में उसका भाई मर चुका है। इसकी पुष्टि गांव शाहपुर की प्रधान सीमा रानी ने की। इसी शपथपत्र के आधार पर मलखान को मरा मान लिया गया है।