मेरठ। नारी निकेतन में महिलाओं को टॉर्चर किया जा रहा है। लड़कियों पर गलत काम करने का दबाव बनाया जाता है। यह खुलासा बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश हुई लड़की ने किया।
लड़की लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र की रहने वाली है। 16 जून को लापता होने के बाद परिजनों ने बहला-फुसलाकर उसके अपहरण का केस दर्ज कराया था। आरोपी तो हाथ नहीं आया, मगर 26 जून को पुलिस ने लड़की बरामद कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश की। मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के बाद लड़की को नारी निकेतन भेज दिया गया था। दो दिन पहले लड़की से उसका भाई मुलाकात करने गया, तो उसने बताया कि यहां बहुत बुरा हाल है। एक महिला जो खुद को यहां की हेड बताती है, वह असहाय लड़कियों को डराकर गलत काम करने का दबाव बनाती है।
बृहस्पतिवार को एसीजेएम (छह) की कोर्ट में लड़की पेश की गई। लड़की के वकील क्षितिज भारद्वाज के मुताबिक, उसने जो कुछ बताया, उस संबंध में लिखित प्रार्थना पत्र अदालत में दिया है। लड़की ने प्रार्थना पत्र में कहा है कि मुझे नारी निकेतन न भेजा जाए। मैं अपने परिवार के साथ जाने को तैयार हूं। अदालत ने इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 5 जुलाई की तारीख दी है। फिलहाल, लड़की को नारी निकेतन में ही भेज दिया गया है।
छह दिन की छुट्टी पर थीं अधीक्षिकाः
नारी निकेतन की अधीक्षिका रीमा राठी 26 जून से दो जुलाई तक अवकाश पर रहीं। बृहस्पतिवार को ही वह ड्यूटी पर लौटीं। लड़की ने भाई और वकील को मोना राठी नाम की महिला के बारे में शिकायत की, मगर नारी निकेतन में इस नाम की कोई महिला नहीं है। वहीं, देर शाम लड़की की शिकायत की सूचना नारी निकेतन तक पहुंचने पर हड़कंप मच गया। अधीक्षिका रीमा राठी ने भी लड़की से शिकायत के बारे में बात की।
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वर्जन
मामला संज्ञान में आया है। लड़की ने जो नाम बताया है, उस नाम की महिला नारी निकेतन में नहीं है। शिकायत के संबंध में शुक्रवार को मैं मौके पर जाकर छानबीन कराऊंगा।
-यतींद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी