मेरठ। किसान स्वाभिमान रैली के साझा मंच पर नेता जब बोलना शुरू हुए तो ध्यान नहीं रहा कि वो किसके खिलाफ क्या कह रहे हैं। शरद यादव ने तो कई बार कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। कई बार तो ऐसा लगा मानों वह किसी चुनावी रैली में भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। इस कारण रैली के बाद कांग्रेसियों ने कह दिया कि यह रालोद का मंच था। जदयू अध्यक्ष शरद यादव मोदी पर निशाना साधने के फेर में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी कटाक्ष कर बैठे। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मौन मोहन था, जो कठपुतली था। अब जो प्रधानमंत्री है, वह कभी चुप ही नहीं रहता। ऐसा लगता है रात में भी सोता नहीं, बल्कि बोलता ही रहता है। रैली के बाद जब शरद की इस बात पर कांग्रेसी नेता नसीब पठान और हरेंद्र मलिक से बात की गई तो उन्होंने नाराजगी जताई। नसीब पठान ने कहा कि हम पहले बोल चुके थे, यदि बाद में बोलने का मौका दिया जाता तो इसका विरोध करते। आयोजकों से विरोध दर्ज कराया जाएगा। हरेंद्र मलिक ने कहा कि यह रालोद की रैली थी, इसलिए दूसरे के मंच पर बहुत ही संयत होकर बोलना चाहिए।