सिक्योरिटी गार्ड ब्रजभूषण की हत्या से गुस्साए परिजनों ने सोमवार को एसएसपी और डीएम कार्यालय पर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में किडनी निकालने का रैकेट चल रहा है। ब्रजभूषण को इसकी जानकारी हो गई थी।
आरोप लगाया कि किडनी के रैकेट का भंडाफोड़ होने के डर से गार्ड की हत्या करा दी गई। इस मामले में परिजनों ने पांच डॉक्टरों को नामजद करते हुए सिविल लाइन थाने में तहरीर दी है। उधर, कप्तान ने कहा है कि प्राथमिक जांच में अस्पताल में किडनी रैकेट चलाने जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
सुशीला जसवंत राय मैटरनिटी हॉस्पिटल परिसर में रविवार सुबह सिक्योरिटी गार्ड ब्रजभूषण निवासी जंगेठी, कंकरखेड़ा की लाश मिली थी। उसके मुंह व हाथ-पैर पर टेप और रस्सी से बंधे थे। परिजनों की तहरीर पर रविवार को सिविल लाइन थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
सोमवार को भाजपा नेता राहुल ठाकुर के साथ पीड़ित परिजन एसएसपी से मिले। परिजनों ने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल में किडनी निकालने का रैकेट चल रहा है। पांच दिन पहले ब्रजभूषण ने अपने पत्नी बबली को जानकारी दी थी कि अस्पताल में उसने एक युवक की किडनी निकालकर बोरी में रखते समय देखा था। उसके बाद से हॉस्पिटल के डॉक्टर उसे धमकी देते थे कि किसी से जिक्र किया तो वह उसकी हत्या करा देंगे। एसएसपी ने उनका शिकायत पत्र लेकर जांच के आदेश दिये हैं।
इसके बाद पीड़ित परिजन डीएम पंकज यादव के पास पहुंचे। डीएम से भी उन्होंने यही बात कही। यहां से निकलने के बाद पीड़ित परिवार ने लिखित में सिविल लाइन थाने में पांच डॉक्टरों के खिलाफ तहरीर दी। भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने नामजद डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं कि तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। उधर, सिविल लाइन इंस्पेक्टर एसके राणा ने बताया कि तहरीर मिल गई है। पुलिस जांच पड़ताल के बाद ही डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करेगी।
वफादार और हंसमुख था ब्रजभूषण
शीला गुप्ता समेत हॉस्पिटल के डॉक्टरों का कहना है कि ब्रजभूषण वफादार और हंसमुख था। शीला गुप्ता ने बताया कि करीब 13 साल से वह उनके पास था। कभी किसी बात की परेशानी नहीं हुई। उसकी मौत का बड़ा गम है। उसे बदमाशों ने मारा है। उन्होंने पुलिस से बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग की।
एसएसपी से मिले डॉक्टर
इस प्रकरण में कुछ डॉक्टर भी एसएसपी से मिले। डॉक्टरों ने जांच के बाद ही रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। हालांकि, एसएसपी और डॉक्टरों की मुलाकात के बारे में कोई भी बोलने से बच रहा है। माना यही जा रहा है कि डॉक्टर अपना पक्ष रखने एसएसपी के पहुंचे थे।