एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

डिजायर के आगे सब फीके, निक जीते

अमर उजाला ब्यूरों Updated Mon, 03 Oct 2016 02:48 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

Next Article

आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज में रविवार को मेरठ हार्स शो एंड रीजनल इकवेस्ट्रियन लीग का आगाज हुआ। सात टीमों के 49 घोड़ों ने प्रीलिम जंपिंग नॉर्मल इवेंट में अपनी उछलकूद दिखाई। व्यक्तिगत और टीमों के बीच पहले दिन प्रतिस्पर्धा हुई। बाजी डिजायर हार्स के हाथ लगी। डिजायर की जंप के आगे बाकी फीके पड़ गए। बेल्जियम के घुड़सवार निक वर्लिस ने डिजायर के दम पर पहला स्थान हासिल किया। टीम इवेंट में आरवीसी की टीम पहले नंबर पर रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

मेरठ हार्स शो नौ अक्तूबर तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न जगहों से 103 घोड़े प्रतियोगिता में भाग लेंगे। जंपिंग के अलावा ड्रेसाज और क्रास कंट्री में घोड़े और सवार अपने हुनर का परिचय देंगे। रविवार शाम चार बजे से पहला इवेंट प्रीलिम जंपिंग नॉर्मल हुआ। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीम में आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज, आरटीएस एंड डी सहारनपुर, आरटीएस एंड डी हेमपुर, आर्टलरी सेंटर, पीबीजी, एएससी सेंटर एंड कॉलेज और नॉर्दन कमांड की टीम शामिल रहीं। व्यक्तिगत प्रतियोगिता में बेल्जियम के घुड़सवार निक वर्लिस ने अपने घोड़े डिजायर के दम पर पहला स्थान हासिल किया। दूसरे नंबर पर पीबीजी के दफेदार राणा प्रताप का घोड़ा आतिश रहा। तीसरे नंबर पर आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज के लेफ्टिनेंट कर्नल एके गोस्वामी का हार्स रामजस पर्ल रहा।

टीम इवेंट में आरवीसी की टीम अव्वल
टीम इवेंट में आरवीसी की टीम ए पहले स्थान पर रही। टीम के सदस्यों में लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक मिश्रा का हार्स अकबर, लेफ्टिनेंट कर्नल का हार्स रामजस पर्ल, दफेदार अंकुश कुमार का हार्स गौरव और लांस दफेदार मोहम्मद अबरार का हार्स रफ्तार शामिल रहे। दूसरे नंबर पर टीम पीबीजी रही। इसमें दफेदार राणा प्रताप, दफेदार मंदीप सिंह, सेवर सुखदीप, लेफ्टिनेंट कर्नल संग्राम शामिल रहे। तीसरी नंबर पर टीम आरवीसी बी रही। इसमें लांस दफेदार महेश, सवार प्रदीप जिंदल, सवार बलमुरगन और सवार राज कुमार शामिल रहे।
विज्ञापन

 
नए घोड़ों में दिखा दम
प्रीलिम जंपिंग नॉर्मल इवेंट में नए घोड़े दौड़ते हैं। नए घोड़ों में दम दिखा। बेल्जियम के निक वर्लिस सिविलियन कैटेगरी में खेले। उनके घोड़े डिजायर ने सबका दिल जीत लिया। निक यूरोपियन चैंपियनशिप में भी विजेता रह चुके हैं। वह बेल्जियम में अपना ट्रेनिंग स्कूल चलाते हैं। यहां पर भी कई सवारों को ट्रेंड कर चुके हैं। प्रतियोगिता में बंगलूरू और जम्मू कश्मीर से भी सवार और हार्स पहुंचे।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें