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कार से जीपीएस सिस्टम उड़ाया

Noida Updated Fri, 25 Jan 2013 05:30 AM IST
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नोएडा। सेक्टर-71 में दो दिन में 13 काराें के शीशे तोड़कर चोरी की वारदात के बाद चोरों ने बीती रात सेक्टर-12 में निशाना लगाया। चोर सेक्टर से पांच कारों के शीशे तोड़कर ईसीएम, स्टीरियो व अन्य सामान चोरी कर ले गए। चोराें ने इस बार एक कार से चोरों को पकड़वाने में सहायक रहने वाला जीपीएस सिस्टम ही उड़ा लिया।
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जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-12 के वाई-21 में रहने वाली मीडियाकर्मी सुष्मिता की ऑल्टो कार यूपी 16 एडी-0701 का शीशा तोड़कर चोर ईसीएम व स्टीरियो ले गए। पास ही खड़ी दो कारों मदरसन कंपनी में कर्मचारी शिव कुमार की यूपी 16 वाई-4599 व जगदीश की यूपी 16 एडी-7425 का भी शीशा तोड़कर चोर ईसीएम व स्टीरियो ले गए। चोराें ने शिव कुमार की कार में लगा जीपीएस सिस्टम भी उड़ा दिया। सुबह कारों के शीशे टूटे देखकर हड़कंप मच गया। थाना सेक्टर-20 पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि इसी सेक्टर में दो और कारों के शीशे टूटे हैं। चोरो ने एनटीएल में कार्यरत हरिओम सिंह की कार यूपी 16 पी-0835 व वरुण प्रकाश की कार यूपी 16 एएच-4159 का शीशा तोड़कर ईसीएम व स्टीरियो चोरी कर लिया। पुलिस ने सुष्मिता की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की है।

गेट है लेकिन गार्ड नहीं
सेक्टर-12 के वाई ब्लाक में जिस जगह तीन कारों के शीशे तोड़कर चोरी की गई, वह चारदीवारी से घिरा है। जिस जगह कारें खड़ी थीं, उसके ठीक सामने ही एंट्री गेट लगा है। उस पर सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं हैं। सेक्टरवासियों के मुताबिक आरडब्ल्यूए की जिम्मेदारी है कि वह गेट पर गार्ड तैनात करे, लेकिन कुछ दिन पहले ही गार्ड हटा लिया गया।
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स्कॉर्पियो के चाराें टायर उड़ाए थे
काराें के शीशे टूटने की वारदात से तीन दिन पहले इसी ब्लाक में चोर एक स्कार्पियो कार के चारों टायर चोरी कर इसे ईंटों पर खड़ी कर गए थे। इसके बाद भी पुलिस नहीं चेती। सेक्टरवासियों के मुताबिक, लगातार चोरियां हो रही हैं, लेकिन पुलिस गश्त के नाम पर केवल मुख्य सड़क पर ही घूमती नजर आती है।

ऑल्टो रही निशाने पर
चोरों ने जिन पांच काराें के शीशे तोड़े हैं, वे सभी ऑल्टो हैं। पुलिस के मुताबिक, चोरों ने कार का बैक मिरर रबड़ से निकालकर सीट पर रखा है। अंदर का लॉक खोलकर कारों से ईसीएम व स्टीरियो इत्मीनान से निकाले हैं। अंदाजा है कि चोराें ने पूरी वारदात एक घंटे से ज्यादा समय में की। चोरों के मैकेनिक होने की आशंका जताई जा रही है।

कार का मस्तिष्क है ईसीएम
ईसीएम यानी इंजन कंट्रोल माड्यूल। यही छोटी सी मशीन कार को अपने इशारों पर नचाती है। इस छोटी सी डिवाइस से पूरी कार के सिस्टम कंट्रोल होते हैं। डेश बोर्ड के नीचे लगे ईसीएम की कीमत पांच से दस हजार के बीच होती है। सूत्रों के मुताबिक ,चोरी के ईसीएम दिल्ली के अजमेरी गेट व नोएडा की कुछ सड़कों के किनारे अवैध रूप से चल रहे वर्कशॉप में बेचे जाते हैं। इनमें हापुड, मेरठ व दिल्ली के कुछ मैकेनिक काम करते हैं।
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