रायबरेली। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा-2014 में आखिर वही हुआ, जो पहले से तय था। पहले ही दिन व्यवस्था तार-तार दिखी। 1000 से अधिक कक्ष निरीक्षकों ने पहले ही दिन धोखा दे दिया। कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों को पास-पास बैठाया गया था, इससे खूब नकल हुई। एक ही कक्ष निरीक्षक होने के कारण नकल पर प्रभावी रोक नहीं लग सकी।
बोर्ड परीक्षा की तैयारियों में बरती गई लापरवाही का खामियाजा सोमवार को पहले ही दिन परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ा। जिले में 158 परीक्षा केंद्रों पर सुबह हाईस्कूल की हिंदी और इंटर में हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा हुई। केंद्रों के गेट पर परीक्षार्थियों को तलाशी देने के बाद ही प्रवेश दिया गया लेकिन एक दर्जन से अधिक परीक्षा केंद्रों पर धड़ल्ले से नकल कराई गई। जगतपुर ब्लॉक के नेवढ़िया स्थित परीक्षा केंद्र पर 12 कक्षों में मात्र एक-एक शिक्षक की ड्यूटी लगाई गई। यहां ड्यूटी करने के लिए शिक्षक नहीं पहुंचे। इंटर कॉलेज शंकरपुर में भी 70 कक्ष निरीक्षकों में मात्र 35 ही ड्यूटी करने के लिए पहुंचे। परशदेपुर क्षेत्र के विवेकानंद इंटर कॉलेेज में 10 में मात्र चार शिक्षक ही ड्यूटी के लिए पहुंचे। महराजगंज क्षेत्र के राजा चंद्रचूर्ण इंटर कॉलेज में प्रथम पाली में 24 कक्ष निरीक्षकों की मांग की गई थी, लेकिन मात्र छह कक्ष निरीक्षक ही ड्यूटी करने पहुंचे। डॉ. अंबेडकर इंटर कॉलेज बल्ला में 21 कक्ष निरीक्षक मांगे गए थे, लेकिन मात्र दो ही परीक्षा कराने के लिए मिले।