रायबरेली। मिल एरिया थाना क्षेत्र में बुधवार को एआरटीओ कार्यालय में तैनात सिपाही ने गुलाबी गैंग संगठन की जिला कमांडर लक्ष्मी गुप्ता की पिटाई कर दी। इससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर सर्वोदयनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रक खड़ा करके जाम लगा दिया। भीड़ ने एक सिपाही को ट्रक के अंदर काफी देर तक बंधक बनाए रहे। साथी को बंधक बनाए जाने पर आरोपी सिपाही मौके से भाग निकला। जिला कमांडर का आरोप है कि एआरटीओ के सिपाही ने रौब दिखाते हुए उसके ट्रकों के कागजात छीन लिए थे। विरोध किया तो उसकी पिटाई कर दी। इस दौरान नारेबाजी के साथ प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने लाठियां जमीन पर पटककर जाम लगाए लोगों को खदेड़ा। सीओ सदर के सिपाही के खिलाफ केस दर्ज किए जाने के आश्वासन पर जाम खुला।
शहर के इंदिरा गार्डेन लक्ष्मी नगर की रहने वाली लक्ष्मी गुप्ता ने कई वाहन ले रखे हैं। लक्ष्मी गुलाबी गैंग संगठन की जिला कमांडर भी हैं। आरोप है कि एआरटीओ कार्यालय में तैनात दो सिपाहियों ने उसके चार ट्रकों के कागजात छीन लिए और 15 हजार रुपये लेकर कार्यालय आने की बात कही। महिला ने इसका विरोध किया तो एक सिपाही ने उसकी न सिर्फ पिटाई की, बल्कि जमीन पर धकेल दिया, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट आई। महिला की पिटाई की सूचना पर आसपास के लोग और गुलाबी गैंग की अन्य महिलाएं पहुंच गईं। सभी ने मिलकर सर्वोदय नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर ट्रक खड़ा करके जाम लगा दिया। इससे दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। इस दौरान सभी एआरटीओ के सिपाहियों के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करने लगे। सभी का कहना था कि पिटाई करने वाले सिपाही पर कार्रवाई की जाए और कागजात वापस दिए जाएं। महिला की पिटाई करने वाला सिपाही तो भाग गया, लेकिन उसके साथी सिपाही को लोगों ने पकड़ लिया। ट्रक के ही अंदर उसे बंधक बना लिया। आधा घंटे बाद सीओ सदर शंकर प्रसाद और मिल एरिया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जाम हटाने के लिए कहा। इस पर पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने ट्रक के अंदर बंधक बनाए सिपाही को छुड़ाया। पुलिस ने जाम लगाए लोगों को भगाने के लिए लाठियां जमीन पर पटकीं। सीओ सदर के आरोपी सिपाही के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने पर डेढ़ घंटे बाद हाईवे पर आवागमन बहाल हुआ। इस दौरान वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। जाम में स्कूली बसें भी फंसी रहीं, जिससे बच्चों को गर्मी में परेशान होना पड़ा।