मिलक। क्षेत्र पंचायत की बैठक में मंगलवार को सीडीपीओ और सीएचसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर प्रधान और बीडीसी पतियों ने जमकर हंगामा किया। हालांकि बाद में सीडीपीओ तो पहुंच गईं, लेकिन सीएचसी अधिकारी नहीं पहुंचे थे। इस दौरान हंगामे के बीच ढाई करोड़ के विकास कार्यों के प्रस्ताव पास किया गए। इसमें पुलिया निर्माण, सीसी रोड और नाली निर्माण कराई जाएगी।
ब्लाक सभागार में आयोजित बैठक में सबसे पहले गत कार्यवाही की पुष्टि कराई गई। इस दौरान खंडविकास अधिकारी जी0बी0 पाठक ने कार्यवाही को विदुंबार पढ़कर सुनाया। निर्मल भारत के तहत शौचालय निर्माण, लोहिया आवास, पेंशन, इंदिरा आवास, विकलांग पेंशन,नहर में पानी समाजवादी पेंशन की जानकारी दी गई। साथ ही कई विभाग के तहसीलस्तरीय अफसर नदारद रहे और उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को बिना तैयारी के भेज दिया।
वहीं सीडीपीओ नहीं आने के कारण बैठक में मौजूद प्रधानों, बीडीसी सदस्यों तथा उनके परिवार के सदस्यों ने हंगामा किया। बाद में सीडीपीओ के पहुंचने पर किसी तरह मामला शांत हुआ। इस दौरान बीडीसी सदस्यों का कहना था कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रधान से बाल पुष्टाहार का सत्यापन कराया जाए। इस पर सीडीपीओ ने ऐसी व्यवस्था समाप्त होने की सफाई दी। इस पर प्रधान पति भड़क गए और हंगामा करने लगे।
उधर, बैठक में सीएचसी के अधीक्षक डॉ0 भजनलाल और पीएचसी रजपुरा के चिकित्साधिकारी डॉ0 मोहित रस्तोगी के न आने पर भी बैठक में हंगामा हुआ। यहां भी कुछ देर बाद सीएचसी से डॉ0 भजनलाल पहुंचे। तब मामला शांत हो पाया। रजपुरा से बैठक में गए डॉक्टर की किसी योजना की जानकारी नहीं दे पाए। उनका कहना था कि उनको स्वास्थ्य समिति की जानकारी नहीं है। सदस्यों का कहना था कि बिना जानकारी के उनको यहां नहीं आना चाहिए। बैठक में कृषि, हैंडपंप, पशु चिकित्सा, शिक्षा, शौचालयों का मुद्दा उठा। हंगामे के बीच ढाई करोड़ के विकास कार्यों के प्रस्ताव आए, जिसमें पुलियों का निर्माण, सीसी रोड, नाली निर्माण आदि शामिल रहे। बैठक में खंड शिक्षाधिकारी जी0पी0 गौतम, श्रवण कुमार गंगवार, वेदराम सिंह यादव, रमेश बाबू, रोशन लाल,दिनेश गोस्वामी, प्रधान पति साविर अली, अरविंद कुमार, रफत अली खां, भगवानदास आदि थे।