रामपुर। रजा लाइब्रेरी में तीसरे पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। मेले में रजा लाइब्रेरी की प्राचीन पुस्तकों को स्कॉलर्स और स्कूल के छात्र-छात्राओं को प्रदर्शित किया गया। साथ ही पुस्तकों के जीवन में महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
मेले का शुभारंभ मौलाना शाहवाज की ओर से तिलावते कुरान और सैय्यद नवेद केसर शाह द्वारा नात प्रस्तुत कर किया गया। इसके बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उर्दू अकादमी के उपाध्यक्ष प्रोफेसर खालिद महमूद ने कहा कि पुस्तकें सभ्यता का विकास करती हैं। बिना पुस्तकों के किसी भी सभ्यता का विकास संभव नहीं है। कोई भी तकनीक पुस्तकों के सौंदर्य का स्थान नहीं ले सकती। इस मौके पर लाइब्रेरी के निदेशक प्रोफेसर एसएम अजीजउद्दीन हुसैन ने कहा कि अतीत में बहुत पुस्तकों को लिखा गया जो आज हमें हमारी सभ्यता को पहचानने में सहायक साबित हो रही हैं। इस दौरान डा. शहजाद अंजुम, डा. अबुसाद इलाही, फैसल खां, मोहम्मद जफर खां, अजहर इनायती, सीनशीन आलम, मेहंदी हसन, सआदत उल्ला, मुजतबा आबदी, जावेद नसीमी, डा. जहीर, बेगम महापारा, ऋषभ रस्तोगी व हिमांशु सिंह आदि मौजूद रहे।