सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के मुजफ्फरनगर राहत शिविरों में भाजपा और कांग्रेस के षडयंत्रकारियों के रहने वाले बयान पर दारुल उलूम और देवबंदी उलेमा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि अपनी सरकार की नाकामियों को छुपाने के लिए मुलायम सिंह इस तरह का बयान दे रहें हैं।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना अबुल कासिम नोमानी बनारसी ने कहा कि सपा प्रमुख का बयान सरासर गलत है।
एक जिम्मेदार की जुबान से इस तरह के गैर जिम्मेदाराना जुम्ले ठीक नहीं हैं। ऐसा मुमकिन नहीं कि लोग जानबूझकर बच्चों को मरने के लिए राहत शिविरों में रखें। जो लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं उनको हर तरह की मद्द मिलनी चाहिए और राहत कार्य तेजी से होना चाहिए।
दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। जिससे मुलायम सिंह यादव बौखलाहट का शिकार हो गए हैं।
उन्होंने सपा पर आरएसएस के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिता मुलायम सिंह यादव और बेटे अखिलेश यादव को राहत कैंपों में भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता तो नजर आ गए, लेकिन जिन्होंने मुसलमानों का खून बहाया वे बड़े लीडर उन्हें नजर नहीं आए।
मुफ्ती आरिफ ने कहा कि मुलायम के बयान का असर लोकसभा चुनाव में साफ दिखाई देगा। मदरसा अल जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सरकार की नाकामियों पर नकाब डालने के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं।
राहत शिविरों में रहने वाले लोग दंगा पीड़ित हैं। मदरसा दारुल उलूम फारुखिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी ने कहा कि सत्य जाने बिना इस तरह का बयान देना उचित नहीं है। ऐसे बयान देने के बजाए दंगा पीड़ितों की मदद करनी चाहिए।