शामली में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम ने नसबंदी ऑपरेशन में लापरवाही बरतने के मामले में अग्रवाल नर्सिंग होम की प्रबंधक पर एक लाख 12 हजार रुपये का जुर्माना किया है। उन्हें 30 दिन के अंदर जुर्माना अदा न करने पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान करना पड़ेगा।
बुढ़ाना तहसील क्षेत्र के गांव खरड़ निवासी सुनीता देवी पत्नी अनिल कुमार ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में वाद दायर किया था। उसमेें कहा गया था कि गांव की स्वास्थ्य कार्यकत्री (आशा) के साथ जाकर शामली स्थित अग्रवाल नर्सिंग होम में टेस्ट कराया था। उक्त नर्सिंग होम को सरकारी योजना के तहत नसबंदी कराने की जिम्मेदारी मिली थी। विगत दो अप्रैल 2013 को सुनीता का नसबंदी ऑपरेशन किया गया। इसके बाद सात दिसंबर 2013 को सुनीता ने एक पुत्र को जन्म दिया।
सुनीता ने दायर वाद में कहा कि डाक्टर द्वारा यूरिन सैंपल से गलत टेस्ट रिपोर्ट को आधार मानकर नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया, जो घोर लापरवाही रही। मामले में अग्रवाल नर्सिंग होम की प्रबंधक मंजू अग्रवाल के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार तथा दि न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को भी प्रतिवादी बनाया गया था। सुनीता ने उक्त तीनों की सेवा में कमी की क्षतिपूर्ति के लिए बच्चे के प्रसव में खर्च 50 हजार रुपये, उसकी परवरिश के लिए खर्च सात लाख रुपये, प्रसव के समय जान के खतरे की आशंका के दो लाख रुपये तथा वकील नोटिस खर्च दो हजार रुपये की मांग की।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष एसकेएस यादव और सदस्य श्रवण कुमार ने वाद की सुनवाई की। उसमें विपक्षी प्रदेश सरकार तथा बीमा कंपनी के खिलाफ वाद को अस्वीकार किया गया, जबकि विपक्षी अग्रवाल नर्सिंग होम की प्रबंधक मंजू अग्रवाल को एक लाख 12 हजार रुपये उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम में जमा कराने का आदेश दिया गया।