सीतापुर। साल गुजर गया पर पिछले रेल बजट की घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हो सकीं हैं। पिछली बार बजट में सीतापुर को एक ट्रेन मिली थी, लेकिन अब तक उसके दर्शन नहीं हो सके। मंगलवार को एक बार फिर से रेल बजट पेश होगा। पर पुराने रेल बजट से सबक लेते हुए लोगों को इससे ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं। वहीं कुछ अभी भी उम्मीदों का गुलदस्ता सजाएं हैं। लोगों की मानें तो रेल बजट की घोषणाओं को साल भीतर पूरा हो जाना चाहिए लेकिन अफसोस ऐसा नहीं होता। पिछले रेल बजट में जनपद वासियों को अजमेर वाया सीतापुर-दरभंगा एक्सप्रेस ट्रेन मिली थी, लेकिन यह ट्रेन अब तक शुरू नहीं हो सकी है। गांजरी इलाके में अब तक रेल लाइन नहीं बिछ सकी है, जबकि काफी समय से इसकी मांग की जा रही है। इससे लोग काफी निराश हैं। इसके पूर्व उत्तर रेलवे के ऊंचाहार-उतरेतिया-बालामऊ वाया सीतापुर तक ट्रैक के विद्युतीकरण का प्रोजेक्ट मिला। रेलवे ने आदर्श स्टेशन का दर्जा देकर सीतापुर स्टेशन भवन पर नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ की छाप दी है। सीतापुर-बुढ़वल ट्रैक के इंटरलॉकिंग पैनल बदलकर ट्रेनों को नई रफ्तार दिलाई। ब्रॉडगेज की ट्रेनें भी फॉग डिवाइस सिस्टम से लैस की गईं। इनके अलावा वाया सीतापुर-बुढ़वल-रोजा तक विद्युतीकरण एवं सीतापुर शहर में रेलवे फ्लाई ओवर का काम भी चल रहा है। इनमें अिधकतर प्रमुख कार्यों के अधूरा होने के कारण जिले वासियों को निराशा ही हाथ लगी है। लोगों की मानें तो बजट के समय किए गए दावों को तय समय में पूरा किया जाना चाहिए।