उत्तर प्रदेश के कानपुर के अमित ग्रामोद्योग संस्थान के खाते में जमा रकम से संबंधित सपा नेता के चेक पाकर तीन जालसाजों ने बड़ा खेल खेला।
मथुरा के पंजाब नेशनल बैंक में नया खाता खुलवाया और चेक पर फर्जी हस्ताक्षर करके खाते में जमा कर दिया। तीनों मंगलवार को नकदी निकालने पहुंच गए।
जालसाजों के खाते में फर्जी चेक से 9.40 लाख की रकम ट्रांसफर होते ही कानपुर के सपा नेता अमिताभ वाजपेयी के मोबाइल पर इसका मैसेज पहुंच गया।
उन्होंने इसकी सूचना मथुरा में बैंक अधिकारियों को दी। रुपये निकालकर भागते तीनों जालसाजों को मथुरा पुलिस ने दबोच लिया।
कानपुर के सर्वोदय नगर आरएस पुरम में अमित ग्रामोद्योग संस्थान में सपा नेता और मुलायम यूथ ब्रिगेड पदाधिकारी अमिताभ वाजपेई सिग्नेचर ऑथोरिटी हैं। संस्थान का कंपनी चालू खाता कानपुर के गुमटी नंबर पांच स्थित पंजाब नेशनल बैंक में है।
अमिताभ वाजपेई के खाता नंबर पर जारी हुए व दस्तखत वाले चेक लेकर तीन लोग मंगलवार को मथुरा में बाग बहादुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में आए।
बैंक शाखा आए तीन लोगों में से ऊदल नाम के व्यक्ति ने दो अगस्त को ही बैंक में नया खाता खुलवाया था। उस खाते में ऊदलसिंह ने 11 बजे से पहले अमिताभ वाजपेई के दस्तखत हुआ 9.40 लाख रुपये की राशि का चेक जमा कराया।
बैंक अधिकारियों ने सीबीएस प्रणाली का प्रयोग कर खाते में कानपुर की शाखा से चेक का क्लीयरेंस कराया और 9.40 लाख की रकम ऊदल के खाते में आ गई। पैसा आते ही ऊदल ने खाते से नौ लाख रुपये निकालने का चेक लगा दिया। बैंक कर्मियों ने उसे नौ लाख रुपये दे दिए।
दूसरी और अमिताभ वाजपेई के खाते से 9.40 लाख की रकम ट्रांसफर होते ही इसका मैसेज उनके मोबाइल पर पहुंच गया। उन्होंने बैंक प्रबंधक को कोई चेक साइन न करने की जानकारी दी।
इस पर बैंक प्रबंधक ने मथुरा शाखा के प्रबंधक रतन सिंह को फोन पर इसकी सूचना दी। दूसरी ओर वाजपेई ने मथुरा में एसपी सिटी ओमवीर सिंह व सीओ सिटी अनिल यादव को इससे अवगत कराया। कोतवाली पुलिस भी बैंक पहुंच गई।
इधर बैंक प्रबंधक व अन्य कर्मचारियों ने पैसा निकालकर जा रहे तीनों लोगों का पीछा किया। तीनों जालसाज बागबहादुर इलाके के एक मंदिर में छुप गए। यहां पहुंची पुलिस तीनों को पकड़कर कोतवाली ले आई।
पकड़े गए लोगों ने अपना नाम नितिन भाटिया पुत्र रामसिंह भाटिया निवासी पटेल नगर रामादेवी थाना चकेरी कानपुर, भानु पुत्र हेमेन्द्र निवासी बंदी कारब महावन और ऊदल पुत्र रघुवीर निवासी कूमापुर औरैया बताया।
बैंककर्मियों ने पैसे को बैंक के चालू खाते में डाल दिया। इस मामले में संस्थान के सचिव परिमल वाजपेई ने कानपुर नजीराबाद के सीओ को प्रार्थनापत्र दिया है।
कानपुर निवासी अखिलेश ने दिए थे चेक
कानपुर से फर्जीवाड़ा करने मथुरा आए नितिन भाटिया ने बताया कि उसे यह चेक अखिलेश तिवारी पुत्र हनुमान तिवारी निवासी चरारी निकट लाल बंगला, कानपुर ने दिए थे।
उसी ने मथुरा में भानु और ऊदल से मिलने के लिए कहा था। सोमवार को तीनों मथुरा में मिले और एक होटल में ठहरे। मंगलवार सुबह 11 बजे फर्जीवाड़ा करने बैंक पहुंच गए।