नकद भुगतान की उम्मीद में हाड़तोड़ मेहनत करने वाले मनरेगा मजूदरों का मार्च से दो करोड़ रुपये का भुगतान लटका है। पहले तो विभाग ने धनराशि नहीं होने से हाथ खड़ा किया अब धनराशि उपलब्धता के बावजूद उन्हें भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
मई माह में मनरेगा में कार्य की खराब प्रगति के पीछे भी मजदूरों का भुगतान लटकना माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि पिछला भुगतान नहीं मिलने से मजदूर काम पर नहीं आ रहे हैं। फिलहाल विभाग लंबित भुगतानों की प्रक्रिया जारी होना बता रहा है।
फरवरी व मार्च के महीने में नकद भुगतान की उम्मीद में हाड़तोड़ मेहनत करने वाले मनरेगा के जॉब कार्डधारकों का करीब दो करोड़ रुपया भुगतान अभी तक नहीं मिल सका है। मार्च माह में होली के समय अधिकारियों ने धनराशि की अनुपलब्धता बता भुगतान से हाथ खड़ा कर लिया था। अब धनराशि होने के बावजूद उनका भुगतान नहीं हो पा रहा है।
ढाई तीन माह से मजदूरी का भुगतान नहीं पाने वाले जॉब कार्डधारक अब मजदूरी करने से कतरा रहे हैं। मौजूदा समय में मनरेगा के कार्य की खराब प्रगति इसी की वजह बताई जा रही है। विभाग के आंकड़ों की मानें तो मौजूूदा समय 986 ग्राम पंचायतों के सापेेक्ष 483 ग्राम पंचायतों में ही कार्य चल रहा है। भुगतान नहीं होने से मनरेगा के जॉब कार्डधारक कार्य करने से कतरा रहे हैं।