वाराणसी। पुलिस कंट्रोल रूम में जल्द ही एसएमएस सिस्टम काम करने लगेगा। इससे सहूलियत यह होगी कि यदि कोई पीडि़त फोन करने की स्थिति में न हो तो वह एसएमएस कर सकता है। कंट्रोल रूम से इसका जवाब भी दिया जाएगा। यह बातें एडीजी कानून व्यवस्था अरुण कुमार ने कहीं। शनिवार की दोपहर वह चेतगंज स्थित कंट्रोल रूम का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने वायस लॉगर खोलकर जनता द्वारा विभिन्न समस्याओं के लिए की गई कॉल्स के डिटेल खंगाले। लगभग दस मिनट तक कंट्रोल रूम चेक करने के बाद उन्होंने संतोष जताया। बताया कि इसी वर्ष कंट्रोल रूम को तकनीकी रूप से और विकसित किया जाएगा।
कंट्रोल रूम में वायस लॉगर लगने के बाद आमजन को काफी सहूलियत हो गई है। अब टेलीफोन अटेंड करने वाला आपरेटर फोन करने वाले से रुखाई से बात नहीं कर सकता है क्योंकि यह बातचीत वायस लॉगर में रिकार्ड हो जाती है। टेलीफोन न उठाने पर भी रिंग (घंटी) आटोमेटिकली रिकार्ड हो जाएगी। यदि कोई झूठी सूचना देगा तो उसका भी रिकार्ड कंप्यूटर में रहेगा। एडीजी ने बताया कि एसएमएस सिस्टम के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। कंट्रोल रूम को पूरी तरह अत्याधुनिक बनाया जाएगा।
इसके अलावा पुलिसकर्मी अपने वाहनों की गलत लोकेशन भी नहीं बता सकेंगे। उनकी लोकेशन कंट्रोल रूम को बगैर पूछे ही मिल जाएगी। इसके लिए जीपीआरएस सिस्टम लगाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके पहले एडीजी ने पुलिस लाइन में बैठक करने के बाद बैरकों और क्राइम ब्रांच का उद्घाटन किया।