वाराणसी। दो ट्रक धान का पैसा हड़पने के लिए चालकों ने अपनी ही हत्या की कहानी गढ़ी लेकिन मिर्जामुराद पुलिस की जांच के दौरान यह बात उजागर हो गई। पुलिस ने दोनों ट्रक चालकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। पूछताछ से पता चला कि माल बेचने के बाद दोनों चालक नेपाल, बंगलूरू और लुधियाना में मौज उड़ाते रहे। एसएसपी अजय कुमार मिश्र ने घटना का पर्दाफाश करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया है।
अंबेडकर नगर जिले के लखनडीह निवासी ट्रक चालक सेवाराम और दशरईचा बसखारी निवासी अखिलेश यादव ने सात सितंबर को बिहार के पूर्वी चंपारण से दो ट्रकों पर तीन-तीन लाख रुपये का धान लोड किया। धान को हैदराबाद के इब्राहिम पट्टनम पहुंचाना था लेकिन चालक ट्रक लेकर अंबेडकर नगर चले गए। उन्होंने धान छह लाख रुपये में बेच दिया। इसके बाद दोनों ने एक ढाबे पर मांस-मदिरा का सेवन किया और ट्रकों की सीट पर बकरे का खून छिड़क दिया। इसके बाद ट्रकों को मिर्जामुराद के खजुरी में लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए।
ट्रांसपोर्ट मालिक ने जब खोजबीन शुरू की तो पता चला कि माल गायब है और ट्रक खाली पड़े हैं। इधर, योजना के तहत चालक सेवाराम के भाई सुग्रीव ने मिर्जामुराद थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। आशंका जताई कि उसके भाई की हत्या कर बदमाशों ने धान लूट लिया है। पुलिस ने जांच शुरू की तो पाया कि चालक लुधियाना में ठहरे हुए हैं। वे अपने घर फोन कर बातचीत भी कर रहे हैं। पुलिस ने सर्विलांस के आधार पर दोनों चालकों के साथ मुकदमा दर्ज कराने वाले सुग्रीव और धान बिकवाने वाले दलाल राम अछैवर यादव को गिरफ्तार कर लिया।