वाराणसी। पिछले दिनों गृहकर में की गई वृद्धि के खिलाफ पार्षद आंदोलन की तैयारी में हैं। इस मसले को लेकर मंगलवार को भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने महापौर रामगोपाल मोहले के कक्ष में संयुक्त बैठक की। इसमें गृहकर में वृद्धि वापस लेने के लिए बुधवार को महापौर तथा नगर आयुक्त यूके त्रिपाठी को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। साथ ही निगम प्रशासन को चेतावनी दी गई कि सप्ताह भर में गृहकर वृद्धि वापस नहीं लिया गया तो पार्षद नगर निगम के समक्ष धरना देंगे।
चुनाव की घोषणा से पहले प्रदेश सरकार ने नए सिरे से गृहकर निर्धारित करने और उसे एक अप्रैल से लागू करने के लिए कहा था। इस बीच निगम प्रशासन ने करीब 1.77 लाख भवनों का नए सिरे से गृहकर निर्धारित करना शुरू कर दिया है। शासनादेश में गृहकर निर्धारण के लिए तीन स्लैब बनाए गए हैं। इसके तहत 12 मीटर, 12 से 24 मीटर तथा इससे अधिक चौड़े मार्गों के किनारे स्थित भवनों के लिए अलग-अलग गृहकर निर्धारित करना होगा।
उधर, भाजपा व कांग्रेस पार्षदों की बैठक में वक्ताओं का कहना था कि वाराणसी गलियों का शहर है। नई व्यवस्था में तीन मीटर तक चौड़ाई वाली गलियों में स्थित 60 हजार से अधिक भवन भी 12 मीटर चौड़ाई वाले सड़कों के किनारे स्थित भवनों की श्रेणी में आ गए हैं। इससे इन गलियों में स्थित भवनों के गृहकर में पूर्व की अपेक्षा तीन गुना तक वृद्धि हो गई है। वक्ताओं ने निगम प्रशासन से गृहकर में वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग की। साथ ही एक सप्ताह में वृद्धि वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में डा. राजेश जायसवाल, अशोक मिश्रा, शिव सेठ, शिव शंकर यादव, अजय जैन, बृज किशोर, गोविंद मिश्रा, मीनू दास, विजय कृष्ण मिश्रा आदि शामिल थे।