वाराणसी। चौक थाना क्षेत्र के छत्तातले में कृष्णा पाटिल की हत्या के मामले में पुलिस ने शनिवार को हत्यारोपी दिलीप सेठ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से लूट का 540 ग्राम सोना बरामद किया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने शनिवार को यातायात पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर किया।
दस जुलाई को छत्तातले स्थित एक मकान में आभूषण बनाने का काम करने वाले महाराष्ट्र केसांगली जिले के रहने वाले कृष्णा पाटिल की गोली मार कर सोना और चांदी लूट ली गई थी। जैतपुरा निवासी रवि कुमार सेठ ने कृष्णा को आभूषण बनाने के लिए कच्चा सोना और चांदी दिया था। रवि की तहरीर पर ही मुकदमा दर्ज किया गया था। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी की फुटेज से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। पुलिस ने 12 जुलाई को गोलगड्डा निवासी मनोज सेठ को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद किया था। मनोज ने पुलिस की पूछताछ में बताया था कि लूट का माल दिलीप सेठ के पास है। पिछले कुछ दिनों से दिलीप की लोकेशन दिल्ली, मुंबई और हरियाणा में मिली रही थी। सूचना मिली थी कि लूटा गया सोना बेचने के लिए दिलीप शनिवार की सुबह वाराणसी आया था। क्राइम ब्रांच और चौक पुलिस ने सुडि़़या के पास घेरेबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 540 ग्राम सोना बरामद कर लिया है। एसपी क्राइम राहुल राज के निर्देशन में क्राइम ब्रांच केप्रदीप सिंह चंदेल, रणजीत राय और चौक इंस्पेक्टर एसएस ग्रोवर ने गिरफ्तारी की। डीआईजी एसकेभगत ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को 12 हजार और एसएसपी ने पांच हजार रुपये देने की घोषणा की है।
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एक साथ काम करते थे दिलीप और कृष्णा
दिलीप सेठ रिश्ते में रवि का मौसा लगता है। उसने पुलिस की पूछताछ में बताया कि रवि कुमार सेठ की केके टेलीकाम कंपनी में उसने और कृष्णा पाटिल ने कुछ दिन साथ काम किया था। दिलीप को रवि और कृष्णा के व्यवसायिक संबंधों की जानकारी हो गई थी। वह जानता था कि रवि रोजना सुबह पांच से छह के बीच रिफाइन करने के लिए सोना कृष्णा को देता है। तथ्यों से वाकिफ होने के बाद मनोज के साथ मिलकर हत्या की गई।