वाराणसी। बिजली विभाग आमजन ही नहीं, सरकारी महकमों को भी सही बिल नहीं देता। इसकी पुष्टि स्वत: प्रदेश सरकार ने की है। साथ ही ऐसा मामला संज्ञान में आने पर नगर विकास विभाग के सचिव ने नगर निगम के बिजली बिल के भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। उन्होंने कहा है कि बिजली बिल का सत्यापन कराके रिपोर्ट से शासन को अवगत कराया जाए।
नगर विकास विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने नगर आयुक्त को भेजे गए पत्र में कहा है कि स्ट्रीट लाइट व नगर निगम के अन्य उपयोग से संबंधित बिजली बिल का सही तरीके से सत्यापन नहीं किया जा रहा है। इससे बिलिंग काफी अधिक हो रही है। इसलिए नगर निगम को भेजे जा रहे बिल का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन और नगर निगम के अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा विद्युत बिल की सत्यापन रिपोर्ट से शासन को अवगत कराया जाए।
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आलोक विभाग के प्रभारी नहीं जानते कितना बकाया है बिल
वाराणसी। नगर निगम आलोक विभाग के प्रभारी अधिशासी अभियंता एसएसी सिंह से जब बकाया बिल की बात की गई तो उन्होंने कहा कि आलोक अधीक्षक से बात कर लीजिए। मुझे नहीं पता कितना बिल बाकी है। वहीं आलोक अधीक्षक ललित मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि भवनों का लगभग 50 लाख रुपये बिजली बिल बकाया है, जबकि स्ट्रीट लाइट का बिल अभी आया नहीं है लेकिन सालाना यह 10 करोड़ के आसपास आता है।
कोट :
शासन स्तर से इस संबंध में निर्देश मिला है। जल्द ही अधिकारी नामित कर बिजली बिल का सत्यापन कराके रिपोर्ट भेज दी जाएगी। - उमाकांत त्रिपाठी, नगर आयुक्त