वाराणसी। गंगा के जलस्तर में घटाव गुरुवार को भी जारी रहा। इसको लेकर घाट किनारे खासकर वरुणा तीरे के बाशिंदों ने काफी राहत की सांस ली। कारण, गंगा किनारे तो स्थिति अभी विकट नहीं है मगर वरुणा तीरे का हाल बेहाल है। घाट किनारे के निचले इलाकों के कई घरों में अभी भी पानी भरा है। इसके चलते लोग ऊपरी मंजिल में रह रहे हैं। यही नहीं कई घरों के छतों पर ही लोग भोजन पका रहे हैं। इसके अलावा उन्हें साफ पेयजल और अन्य जरूरी सामानों के लिए भी जूझना पड़ रहा है। हालांकि गंगा किनारे जलस्तर कम होने के बाद कीचड़ की फिसलन और सड़ांध से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है।
उधर, बुधवार के बाद गुरुवार को भी गंगा के जलस्तर में लगातार घटाव जारी रहा। इस तरह आज और कल कुल मिलाकर लगभग दो मीटर का घटाव दर्ज किया गया। इसको लेकर घाट किनारे के लोग काफी राहत की सांस ले रहे हैं। मगर, दर्शनार्थियों और स्नानार्थियों के साथ-साथ गंगा और वरुणा किनारे रहने वालों लोगों की परेशानी बढ़ गई है। वरुणा किनारे के कई घरों में वायरल फीवर के मरीज बढ़ने लगे है। सबसे ज्यादा प्रभावित कोनिया, सलारपुर, सरैया, चौकाघाट आदि क्षेत्र है। मसलन, ढाब क्षेत्र में भी लोगों की परेशानी कम नहीं हैं। यहां भी गंगा के जलस्तर में कमी के चलते काफी फिसलन बढ़ गई है। साथ ही प्रशासन की ओर से नावों का उचित व्यवस्था अभी तक न किए जाने से स्थानीय बाशिंदों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं साग-सब्जियों के साथ-साथ मवेशियों को हरा चारा के लिए भी जूझना पड़ रहा है। इससे मवेशी पालक काफी परेशान है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में गंगा तीन सेंटीमीटर प्रति घंटा की दर से घट रही है। फिलहाल गंगा का जलस्तर 67.80 दर्ज किया गया। जबकि इलाहाबाद और फाफामऊ में गंगा दो सेंटीमीटर और मिर्जापुर में चार सेंटीमीटर प्रति घंटा की दर से घट रही है।