वाराणसी। नगरीय क्षेत्रों में नेशनल हाइवे की जर्जर हालत के बहाने प्रदेश सरकार केंद्र से दो-दो हाथ करने का मन बना रही है। नगर विकास विभाग ने निर्देश जारी किया है कि नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत के अधिकारी अपनी सीमा से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की जर्जर हालत के लिए एनएच के अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई करें। इसके साथ ही खराब एनएच के किनारे बोर्ड पर लिखवाएं, ‘यह सड़क केंद्र सरकार की है और इसके रख-रखाव की जिम्मेदारी उसी की है।’ गौरतलब है कि प्रदेश के नगर विकास विभाग के मंत्री आजम खां हैं।
विभाग के सचिव श्रीप्रकाश सिंह की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है नगर क्षेत्रों से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति बेहद दयनीय हो चुकी है। बीते दो वर्ष में इनकी मरम्मत के प्रति बेहद उदासीनता बरती गई है। मरम्मत के अभाव में कुछ राजमार्गों की हालत इतनी खराब हो गई हैं कि इन पर वाहनों को सामान्य रफ्तार से चलना दुश्वार हो गया है। इन मार्गों पर चलने वाले वाहनों के एक्सल ज्यादा टूटते हैं और सड़क दुर्घटनाएं भी ज्यादा होती हैं। राजमार्गों पर बढ़ते जाम का एक प्रमुख कारण भी जर्जर सड़कें मानी जा रही हैं। इन उबड़-खाबड़ सड़कों पर पेट्रोल-डीजल की खपत अधिक होती है और पर्यावरण पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। विभाग का मानना है कि खराब राष्ट्रीय राजमार्ग आमजन के जीवन के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। यही नहीं, राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाली के चलते पब्लिक न्यूसेंस (अराजकता) पैदा हो रही है।
सचिव श्रीप्रकाश सिंह ने सभी नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इन मार्गों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार नेशनल हाइवे और नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया के अधिकारियों के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 और अन्य अधिनियमों के तहत कार्रवाई करें। जिलाधिकारियों को ऐसी कार्रवाइयों की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कोट्स----
नगर निकाय क्षेत्र से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों की जर्जर हालत के मद्देनजर शासन स्तर से निर्देश जारी हुए हैं। निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - उमाकांत त्रिपाठी, नगर आयुक्त
इनसेट ---
बनारस में मिसाल
नगर निगम क्षेत्र से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 29 और 56 इन दिनों जर्जर हाल में है। एनएच 29 पर आशापुर से पांडेयपुर के बीच जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। एनएच 56 पर कचहरी से शिवपुर के बीच पता ही नहीं चलता कि सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढ़ों में सड़क है। गड्ढों के कारण इन मार्गों पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।