वाराणसी। दुर्गा पूजा पंडाल लगाने वाली समितियों को अनुमति के लिए फायर बिग्रेड, पीडब्ल्यूडी, बिजली विभाग और नगर निगम के चक्कर नहीं लगाने होंगे। कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम सिटी दफ्तर में एकल खिड़की की व्यवस्था शुरू की गई है। यहां से पंडाल आयोजकों को चौबीस घंटे के अंदर हर तरह की अनुमति मिल जाएगी। यह जानकारी बुधवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के पाणिनी भवन में दुर्गा पूजा पंडाल समितियों के साथ हुई बैठक में डीएम प्रांजल यादव ने दी।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 26 सितंबर तक आवेदन न करने वाले पूजा पंडालों पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं तीन और चार अक्तूबर को हर हाल में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कर देना होगा। ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि किसी आपातस्थिति में 100 नंबर व्यस्त मिले तो मोबाइल नंबर 9454401645 पर सूचना दी जा सकती है। बैठक में आयोजकों को जबरन चंदा वसूल न करने, रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर न बजाने आदि के भी निर्देश दिए गए हैं। वहीं मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर भी रोक लगाई गई है। बैठक में एडीएम सिटी एमपी सिंह ने पूजा पंडाल समितियों उनकी समस्याएं लिखित रूप में लीं। इनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है।
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पंडाल समितियों ने उठाईं समस्याएं
बैठक में दुर्गा पूजा पंडाल समितियों के सदस्यों ने उनके क्षेत्र में सड़क, बिजली, साफ-सफाई, सुरक्षा आदि की समस्या उठाई। आयोजकों का कहना था कि बिजली विभाग से कनेक्शन लेने पर उन्हें 13000 रुपये देने पड़ रहे हैं जो बहुत ज्यादा हैं। जनरेटर से बिजली की व्यवस्था करने में सिर्फ 3700 रुपये का खर्च आ रहा है। आयोजकों ने कनेक्शन की फीस कम करने की मांग की। मंडुवाडीह के आसपास पूजा पंडाल लगाने वाली समितियों के लोगों ने नो इंट्री का समय रात दस बजे से बढ़ाकर बारह बजे किए जाने की मांग की।