वाराणसी। पांच महीने से बनारस मंडल में एनआरएचएम घोटाले की जांच कर रही सीबीआई को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है। इस मामले में बनारस के परिवार कल्याण विभाग के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ जल्द मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। दरअसल छानबीन में जब से सीबीआई को पता चला है कि पूर्व सीएमओ ने एक ही दिन में 45 लाख रुपये के सामान खरीद डाले तो अधिकारियों के कान खड़े हो गए। इसी सिलसिले में शनिवार को सीबीआई ने पूर्व सीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) से घंटों पूछताछ की थी।
एनआरएचएम घोटाले की परतें अब धीरे-धीरे खुलती जा रही हैं। बनारस मंडल की जांच में जुटी सीबीआई को पता चला है कि बनारस के परिवार कल्याण के पूर्व सीएमओ ने एक दिन में 45 लाख रुपये के समान खरीद डाले और इसमें उनके कार्यालय का एक कर्मचारी भी शामिल रहा है। हालांकि शनिवार को पांडेयपुर स्थित कैंप कार्यालय में सीबीआई की पूछताछ में पूर्व सीएमओ (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डा. आरएस वर्मा यह कहकर मुकर गए कि यह खरीदारी उनके कार्यकाल में नहीं बल्कि परिवार कल्याण विभाग के तत्कालीन सीएमओ के कार्यकाल में हुई है। ऐसे में अब सीबीआई उनसे पूछताछ की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व सीएमओ इस मामले में फंस चुके हैं और उनपर जल्द मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
बता दें कि शासन स्तर से एनआरएचएम के मद में 2011 में लगभग 18 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस धनराशि से गर्भवती महिलाआें के लिए पोषाहार, अस्पतालों में दवाएं, गर्भवती और बच्चाें के लिए टीकाकरण, स्वास्थ्य उपकेंद्राें के भवन निर्माण, उपकरणाें की खरीदारी, कार्यालयाें में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक वस्तुएं आदि लेनी थीं, मगर इन सामानों की खरीदारी में गोलमाल उजागर हुआ है।