एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

उल्फत बीबी से लिखाकर लाओ तो दे दें अनुमति

Varanasi Updated Wed, 13 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

वाराणसी। ‘सभा कहां होगी?’, ‘जी, उल्फत बीबी के हाता में’। ‘उल्फत बीबी से अनापत्ति लिखाकर लाइए’, ‘जी ना हो सकेला’। ‘क्यों’, ‘जी, उ तऽ दुनिया में ही ना हईं, अब ई मुहल्ला क नाव हौ’। ‘ठीक है, ठीक है...तो ऐसा कीजिए वहां रहने वालों से अनापत्ति लिखाकर लाइए’। नगर निकाय चुनाव में जनसभा या जुलूस निकालने की अनुमति लेने वालों को ऐसे ही सवालों से जूझना पड़ रहा है। जुलूस निकालने वालों को तो जुलूस में शामिल होने वाले हर वाहन का पास बनवाना जरूरी है। इसके लिए वाहनों के कागजात मांगे जा रहे हैं। सड़क पर सभा करनी हो तो जिस विभाग की सड़क है, उससे अनापत्ति लिखा कर लानी होगी। पर यह तस्वीर का एक रुख है। दूसरी ओर बिना अनुमति के प्रत्याशियों के काफिले में दर्जनों वाहन घूम रहे हैं। इसकी जांच के लिए जिला प्रशासन ने टीमें तो बनाई हैं पर उसका असर नहीं दिख रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

आदर्श आचार संहिता के चलते प्रत्याशी सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर नहीं लगा सकते। निजी घरों पर झंडा, बैनर, कटआउट आदि लगाने के लिए संबंधित व्यक्ति की स्वीकृति आवश्यक है। जुलूस, रैली या सभा करने के लिए भी प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी है। विभिन्न क्षेत्रों में अनुमति देने की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्रों के एसीएम को सौंपी गई है। सभासद पद के तमाम प्रत्याशियों को इस बारे में ठीक से जानकारी नहीं है। उनमें से कुछ तो नगरीय निकाय कार्यालय में इस बाबत पूछताछ करने जा रहे हैं। वहां से उनको एसीएम के पास भेजा जा रहा है। यदि जुलूस का क्षेत्र दो एसीएम के इलाके में होगा तो प्रत्याशियों को एडीएम सिटी से अनुमति लेनी होगी। एडीएम सिटी कार्यालय में जुलूस की अनुमति लेने पहुंचे नगर प्रमुख पद के एक प्रत्याशी ने जुलूस की अनुमति मांगी तो उनसे सारे वाहनों का विवरण मांगा गया। उन्होंने जुलूस का इरादा ही त्याग दिया। अपर जिलाधिकारी नगर एमपी सिंह ने बताया कि जुलूस, जनसभा की अनुमति देने में किसी तरह की दिक्कत नहीं है। मगर इससे किसी व्यक्ति को कष्ट नहीं होना चाहिए। कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। जुलूस में शामिल वाहनों के लिए पास होना जरूरी है।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें