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अंबिया मंडी में दो सौ करघे ठप

Varanasi Updated Mon, 06 Aug 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। अंबिया मंडी इलाके में सीवर लाइन जाम होने के चलते बरसाती पानी जमा होने से बुनकरों की जीविका पर गहरा असर पड़ा है। जल जमाव से प्रभावित आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में दो सौ से अधिक करघे ठप हो गए हैं। इससे बुनकरों के बच्चों की फीस और दवा तक के पैसों के लाले पड़ गए हैं। हफ्ते भर से काम बंद होने की वजह से मोहल्ले के महाजनों के यहां से नमक, तेल, आटा उधार आने लगा है। माना जा रहा है कि ईद तक करघे चालू नहीं हो पाएंगे। ऐसे में चिंता यह है कि त्योहार मनेगा तो कैसे।
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सीवर लाइन का फाल्ट न मिलने से अब भी जल जमाव की स्थिति रोजना उत्पन्न हो जाती है। गलियों की गंदगी साफ न होने से बाहर निकलना भी दुश्वार है। जहां करघे लगे हैं वहां बैठने तक की जगह नहीं बची है। ताना-बाना भीग कर खराब हो गया है। तमाम घरों में डिजाइन भी भीग कर खराब हो गई है। बुनकर परवेज अहमद के मुताबिक अंबिया के अलावा कुप्पाशहर, मोहम्मद सईद, गुल्ली गड्डी, चिकवन टोवा, बरवा तल्ले, पाकड़ तल्ले, हनुमान फाटक तक दो सौ से अधिक करघे जल जमाव से ठप हो गए हैं। यासीन, नाटे बशीर की आंखों में हालात बयां करते हुए आंसू आ गए। उनका कहना है कि गद्दी पर पहले से ही उधार साडि़यां देकर फंसे हैं। अब ताना-बाना ठप होने से रोजी-रोटी चलाना मुश्किल हो गया है। त्योहार के महीने में किया क्या जाए, समझ में ही नहीं आ रहा है। नाटू, पुल्लू, अजीज, जब्बार, सिराजुद्दीन, नसीमुद्दीन, परवेज अहमद, कलीमुद्दीन, जिन्नत, समीउल्लाह, नरोदा सरदार, रब्बानी समेत तमाम बुनकरों को करघा सूखने का इंतजार है।
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