वाराणसी। गंगा में अब नालों और सीवर का गंदा पानी कतई नहीं गिरने दिया जाएगा। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। विभागीय अभियंता को गंगा में नाले नहीं गिरने देने को लेकर आगाह भी किया गया है। मालवीय घाट, लोहिया घाट व राजनारायण घाट का सुंदरीकरण भी किया जाएगा। एक महीने के अंदर सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का पैचवर्क तथा तीन महीने में सड़कें बनाकर ठीक कर दी जाएंगी।
यह जानकारी प्रदेश के लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को मंडलीय अनुश्रवण कक्ष में विभागीय अधिकारियों की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि जो भी अधूरे पुल हैं, उनका निर्माण कार्य अविलंब पूरा करने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि नालों को गंगा में गिरने से रोकने के लिए कार्ययोजना प्राप्त होते ही उसे स्वीकृत कर धनराशि अवमुक्त कर दी जाएगी ताकि कार्य शुरू हो सके। उधर, विभागीय अधिकारियों की बैठक में वरुणा नदी पर कोरौता में पुल का निर्माण अधूरा रहने पर नाराजगी जताई। साथ ही सेतु निगम के अभियंता को छह माह में पुल का निर्माण पूरा करने की हिदायत दी। शिवपाल ने नहरों में सिल्ट सफाई व नलकूपों की मरम्मत की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताने के साथ ही अधिकारियों को कागजी आंकड़ेबाजी से बाज आने को कहा। पंप कैनालों को जनवरी से पूरी क्षमता से संचालित करने की हिदायत भी दी। वाराणसी में 55 तथा सोनभद्र में सिर्फ 27 प्रतिशत सड़कों की मरम्मत का कार्य होने पर उन्होंने अभियंताओं से नाराजगी जताई। उन्होंने आगाह किया कि सत्यापन में सड़कों की गुणवत्ता खराब मिलने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड करने के साथ ही जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। सहकारिता विभाग की वसूली की समीक्षा के दौरान उन्होंने वाराणसी में 52 करोड़ रुपये के सापेक्ष एक करोड़ रुपये, गाजीपुर में 32 करोड़ रुपये के सापेक्ष 6.56 करोड़ रुपये की वसूली होने पर भी नाराजगी जताई।