वाराणसी। इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) प्रमुख यासीन भटकल के साथ पुणे बम बिस्फोट कांड के चलते सुर्खियों में आए आजमगढ़ के संदिग्ध आतंकी तबरेज पर 11 फरवरी को मुंबई पुलिस ने दस लाख का इनाम घोषित किया है। इसके बाद तबरेज एक बार फिर चर्चा में आ गया है और खुफिया एजेंसियों ने उसकी खोज-खबर में अपने तमाम संपर्कों को सक्रिय कर दिया है। पिछले पांच साल से फरार चल रहे तबरेज के बारे में जांच एजेंसियों को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक वह आईएम से जुड़े आतंकियों के साथ बांग्लादेश के रास्ते फरार हो चुका है।
केंद्रीय खुफिया एजेंसी और एटीएस के अधिकारियों की मानें तो बाटला हाउस कांड के बाद गिरफ्तार आतंकियों ने खुलासा किया था कि गुलामीपुरा निवासी जावेद अख्तर उर्फ हड्डी उर्फ तबरेज उर्फ शाकिर उर्फ डेनियल उर्फ असदुल्लाह इंडियन मुजाहिदीन के प्रमुख के साथ देश विरोधी कार्यों में लिप्त हैं। एटीएस के अधिकारियों ने उसके घर छापा मारकर उसके पिता से भी पूछताछ की थी, लेकिन उन्हें भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जांच से पता चला है कि आईएसआई के माध्यम से उसने शरजाह में आतंक की ट्रेनिंग ली है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी कई कॉल सुनीं है। मुंबई पुलिस ने 2011 में हुए पुणे, ओपेरा हाउस और झावरी बम विस्फोट कांड की जांच मेें पाया है कि आईएम प्रमुख यासीन भटकल के साथ तबरेज ने इन घटनाओं को अंजाम दिया है। आतंकियों के संरक्षण में आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए तबरेज ने अपने कई नाम और ठिकाने बदले। प्रदेश की एजेंसियों ने उसे ढूंढना ही लगभग बंद कर दिया था, लेकिन मुंबई पुलिस द्वारा 10 लाख का इनाम घोषित करने के बाद एक बार फिर वह सुरक्षा एजेंसियों के राडार पर आ गया है।
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पूर्वांचल के सात और आतंकियों की तलाश
वाराणसी। दिल्ली और अहमदाबाद बम ब्लास्ट के आरोपी आजमगढ़ के अबु बशर के साबरमती जेल में सुरंग खोदकर फरार होने पर चर्चा में आने के बाद खुफिया एजेंसियों और एटीएस ने आजमगढ़ से जुड़े सात और इनामी आतंकियों की तलाश तेज कर दी है। आजमगढ़ के ही दो स्लीपिंग माड्यूल खुफिया एजेंसियों की सक्रियता के बाद फरार हो गए हैं। दिल्ली पुलिस दो स्थानों पर हुए विस्फोट के मामले में आजमगढ़ के नसीरपुर के आरिज खान उर्फ जुनेद, कोट के मिर्जा सादाब, असदुल्ला अख्तर, हाकिम, संजरपुर के मोहम्मद साजिद, खालिद, डॉ. शहनवाज अहमद और सलमान की तलाश में जुटी है। खुफिया एजेंसियां भी दिल्ली पुलिस की मदद के लिए इन आतंकियों के ठिकानों का पता लगाने के प्रयास में हैं।