अल्मोड़ा। राज्य के सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन के लिए सूचना के अधिकार के प्रयोग को प्राथमिकता देनी होगी। लोक सूचना अधिकारी अधिनियम का गहनता से अध्ययन करें, ताकि सूचना देने में गलतियां नहीं हों। श्री रावत विकास भवन में लोक सूचना अधिकारियों के सेमीनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आरटीआई 2005 से लागू है। सरकारी कामकाज से संबंधित सूचनाएं देने के लिए सरकारी कर्मचारी सतर्क होकर काम करें। आवेदनकर्ता को सूचना निर्धारित अवधि में दें। आरटीआई के क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों में लोक सूचना अधिकारी नामित किए गए हैं। आवेदनकर्ता के प्रार्थना पत्रों का अधिनियम के अनुसार निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तराखंड में यह अधिनियम सख्ती से लागू किया जा रहा है। श्री रावत ने कहा कि प्रतिवर्ष 10 हजार आवेदन पत्र सूचना के अधिकार से संबंधित प्राप्त हो रहे हैं। इनमें से एक हजार आवेदनों पर राज्य सूचना आयोग में अपील की जा रही है। मांगी गई सूचना का अनुरोध अस्वीकार करने की दशा में लोक सूचना अधिकारी नियमावली के सुसंगत प्रावधानों के तहत आवेदक को सूचित करेंगे। सूचना से संतुष्ट नहीं होने पर आवेदक को अपील करने का समय और प्रथम अपीलीय अधिकारी का पदनाम आदि की लिखित सूचना देंगे। उन्होंने कहा कि बीपीएल श्रेणी के अतिरिक्त अन्य नागरिकों को सूचना देने के लिए अनुरोध पत्र के साथ निर्धारित आवेदन शुल्क की राशि देने के बाद सूचना दी जाएगी। बैठक में सीडीओ डा. अहमद इकबाल, एडीएम प्रकाश चंद्र, डीडीओ डा. डीडी पंत, प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य जीएस खाती आदि उपस्थित थे।