चिलियानौला (अल्मोड़ा)। कूड़ा निस्तारण के लिए दो साल पूर्व लगाए गए पांच कूड़ेदानों में इतना कूड़ा भर गया है कि सड़ांध के चलते हैड़ाखान मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को अपना रास्ता बदलना पड़ा है। इसलिए क्योंकि कूड़ेदान में जमा गंदगी निस्तारित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। गंदगी से क्षेत्र में संक्रामक रोगों की आशंका बनी है। चिलियानौला बाजार के प्रवेश द्वार पर ही बेतरतीब कूड़ा फैला है। इसकी दुर्गंध करीब 200 मीटर दायरे तक रहती है। दुर्गंध से बचने के लिए लोग नाक में रूमाल रखकर आगे निकलते हैं। पूर्व में कुछ लोगों से बेतरतीब कूड़ा फैलाने पर पांच सौ रुपए जुर्माना लिया गया था, लेकिन हालात नहीं सुधरे। पूर्व बीडीसी सदस्य नवीन कुवार्बी का कहना है कि उन्होंनेबीडीसी मद से पांच कूड़ेदान स्थापित कराए थे, लेकिन कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से सारी गंदगी कूड़ेदानों में ही जमा है। उन्होंने नए पंचायत प्रतिनिधियों से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। प्रधान गोपाल राम ने कहा कि कूड़ा निस्तारण के लिए सरकार की तरफ से 10 हजार रुपए साल के मिलते हैं और यह रकम नाकाफी है। बीडीसी सदस्य मदन कुवार्बी का कहना है कि अगर लोग सहयोग करें तो इस समस्या का हल निकल सकता है। पूर्व प्रधान गणेश कुवार्बी ने बताया कि प्रत्येक दो माह में निस्तारण के लिए लालकुर्ती से सफाई कर्मी बुलाए जाते हैं। व्यापारी विपिन चंद्र शर्मा ने कहा कि पूर्व में प्रशासन ने कैंट कर्मचारियों की मदद से स्वच्छता अभियान चलाया था, इस अभियान को फिर से चलाने तथा खुली बैठक में योजना बनाने की जरूरत है।