अमरोहा। खुशबू मिर्जा ने इसरो के जरिए चांद तक अमरोहा का नाम पहुंचाया, लेकिन अब हसनपुर के छोटे से गांव की रेखा चौधरी ने भी कौन बनेगा करोड़पति में बिग बी के सामने हाट सीट पर बैठकर पच्चीस लाख जीतने के बाद अपनी मिट्टी की खुशबू को दुनियाभर में फैलाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। शनिवार को अमिताभ बच्चन के तेरहवें सवाल पर गच्चा खाने से पहले रेखा ने साफ कर दिया कि उन्होंने गांव में बिना बिजली के सिर्फ अखबारों के ही जरिये देश और बाकी दुनिया के बारे में जानकारी हासिल की है।
शुक्रवार को केबीसी के सेट पर दस क्वालिफायर के साथ हाट सीट से छटपटाने वाली रेखा ने शनिवार को वह मुकाम हासिल कर लिया जिसकी लगभग हर किसी को चाहत रहती है। केबीसी के एंकर बिग बी अमिताभ बच्चन के सामने हाट सीट पर बैठते ही रेखा ने बहुत बेबाकी और बिंदास अंदाज में हर सवाल का जवाब दिया जिसने उसे तेरहवें पायदान तक पहुंचाया। हालांकि बीच-बीच में बिग भी के निराले अंदाज में पूछे सवालों पर रेखा ने साफ कर दिया कि हसनपुर के गंगेश्वरी ब्लाक के जिस जीवपुर प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका के रूप में नौकरी कर रही हैं वह अमरोहा जिले का सबसे पिछड़ा इलाका है।
आपको पढ़ने की रुचि है? बिग के सवाल पर बेबाकी से रेखा बोलीं- पढ़ाई जितनी होनी थी नौकरी से पहले हो गई। तब ये सामान्य ज्ञान कहां से? बोलीं- यह उनकी अपनी मेहनत है? हकीकत से रूबरू कराती हुई बोलीं- मैं जिस गांव में रहती हूं वहां अखबार भी मात्र तीन ही आते हैं। बिजली केवल दो घंटे ही आती है। यूपी से ताल्लुक रखने वाले बिग भी अपने ही प्रदेश की इस बदहाली को सुनकर कई बार हैरत में भी पड़े। तेरहवें सवाल मरणोपरांत किस भारतीय को भारत रत्न से आखिरी बार नवाजा गया? चार विकल्पों पर लाल बहादुर शास्त्री के गलत उत्तर पर मुहर लगाकर केबीसी से पच्चीस लाख के चेक के साथ बाहर हुई रेखा ने बताया कि उनकी आंखों में सपना अपने बेटे तुषार और शशांक को कामयाब होते देखना है।