अमरोहा। विशेष सत्र न्यायाधीश ने बहुचर्चित प्रदीप हत्याकांड में पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
यह सनसनीखेज वारदात छह जून 2011 की है। देहात थानांतर्गत गांव वैसपुर निवासी प्रदीप सिंह अपने चाचा के साथ बाइक से डिडौली जा रहा था। रास्ते में कोतवाली डिडौली के गांव ढेला नंगला गांव निवासी जौली उर्फ जोगेंद्र पुत्र भगवत गुर्जर, रामवीर पुत्र खजान सिंह, टीटू उर्फ धीरज पुत्र जिले सिंह, पंकज पुत्र प्रहलाद व दिनेश पुत्र हेमपाल ने प्रदीप को घेरकर बेरहमी से पिटाई की थी। हमलावरों ने फावड़े व तबल से ताबड़तोड़ वारकर उसे मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया था। हत्या का कारण मामूली कहासुनी थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया था।
यह मामला विशेष सत्र न्यायाधीश विकास सक्सेना की अदालत में चल रहा था। गुरुवार को शासकीय अधिवक्ता की दलील व पत्रावली का अवलोकन कर अदालत ने पांचों लोगों को दोषी ठहराया था। शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इन पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।