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अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा रहा मेला

Amroha Updated Fri, 07 Nov 2014 05:30 AM IST
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तिगरीधाम। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा की रेती पर लगा तिगरी गंगा मेला मुख्य स्नान के बाद सिमटने लगा है। गुरुवार को श्रद्धालुओं ने घरों का रुख कर लिया।
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29 अक्तूबर से छह नवंबर तक चले मेले में नौ दिन तक लाखों स्नानार्थियों को दिक्कतों से दो चार होना पड़ा। पेयजल से लेकर सड़क, शौचालय और प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था न होने से दुश्वारियां झेलनी पड़ी। चरमराई सफाई व्यवस्था से गंगा घाट गंदगी से अट गए, सो अलग। पूरे मेले की व्यवस्थाओं पर गौर फरमाया जाए, तो जिला प्रशासन और जिला पंचायत के दावों की पोल खुली। आस्था की नगरी से जाते वक्त मेलार्थियों की जुबां से अव्यवस्थाओं के खिलाफ बोल फूटे, तो हकीकत खुलकर सामने आई।


पानी की किल्लत से नहीं बुझ सकी प्यास
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जिला पंचायत की ओर से हैंडपंप लगाने का ठेका दिया गया था। जिसमें सरकारी अमले और श्रद्धालुओं के लिए 250-250 हैंडपंप लगाए जाने थे। मगर, मेलार्थियों के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाले हैंडपंपों की संख्या काफी कम रही। ऐसे में पानी की भारी किल्लत रही और श्रद्धालुओं की प्यास नहीं बुझ सकी।
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आखिरी समय तक नहीं थमी धूल
मेले में श्रद्धालुओं के घूमने के लिए अस्थाई सड़कों का निर्माण कराया गया था। लेकिन उनकी गुणवत्ता इतनी खराब थी कि आखिरी समय तक वाहनों का फंसने का सिलसिला बना रहा। यहां तक की कई बाइक सवार तो फिसलकर चोटिल भी हो गए। हालांकि ठेकेदार को सड़क पर पानी छिड़काव के भी निर्देश थे, लेकिन धूल का गुबार आखिरी समय तक उड़ता रहा। इससे मेलार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

वैकल्पिक व्यवस्था से रोशन हुए हजारों तंबू
सड़क और हैंडपंप के साथ जिला पंचायत पर प्रकाश व्यवस्था का भी जिम्मा था। मगर जिपं प्रशासन इसमें भी फेल रहा और आधा मेला अंधेरे के आगोश में समाया रहा। पुलिस, प्रशासनिक, जिला पंचायत और नेताओं के तंबुओं में भी रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था थी, लेकिन हजारों तंबू वैकल्पिक व्यवस्था से रोशन हुए। ऐसा ही हाल मेला मुख्य मार्ग का भी रहा। जो दिन छिपते ही अंधेरे के आगोश में डूब रहे थे।



मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बहुत संयम और श्रद्धा का परिचय दिया। इसी के चलते मेला शांतिपूर्वक व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सका। सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी ड्यूटी के प्रति सतर्क रहे जिससे कानून व्यवस्था बनाए रखने में सफलता मिली।
-वेद प्रकाश, जिलाधिकारी

मेला शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। पुलिस कर्मी पूरी तरह सतर्क रहे। गोताखोर और फ्लड पीएसी के जवान घाटों पर नजरे गढ़ाए रहे। मचान से भी पूरे मेले पर नजर रखी गई थी।
-एके सिंह, पुलिस अधीक्षक

मेला बहुत अच्छा रहा। पुलिस की व्यवस्था बहुत बढ़िया रही। जिस कारण कोई अनहोनी नहीं हुई। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम थे। पिछली बार के मुकाबले इस साल घाटों की स्थिति बेहतर थी।
-कमलेश आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष
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