तिगरी गंगा मेले के सदर सर्किल का इस बार स्थान परिवर्तित कर दिया गया है। गंगा की धारा बदल जाने के कारण इसे दो सौ मीटर हटाकर कांकाठेर की ओर बनाया जाएगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी धाम गंगा की रेती में लगने वाला मेला उत्तर भारत के सबसे विशाल मेलों में शुमार है। गंगा पूजन के बाद मेला शुरू हो जाता है।
ट्रैक्ट्रर ट्राली, बैलगाड़ी और अन्य वाहनों से आने वाले श्रद्घालु गंगा की रेती में कई दिन पूर्व ही तंबुओं का घर बना लेते हैं। यहां प्रतिदिन कई लाख की संख्या में श्रद्घालु गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाते हैं।
इस बार गंगा की धार कांकाठेर की ओर मुड़ गई है। इस कारण सदर सर्किल का स्थान बदल दिया गया है। इसे दो सौ मीटर हटाकर कांकाठेर की ओर बनाया जाएगा।
ऐसा श्रद्घालुओं को गंगा स्नान करने में होने वाली दिक्कतों से बचाने के लिए किया गया है। जिला पंचायत के एई भगत सिंह ने बताया कि गंगा की धार बदल जाने के कारण सदर सर्किल दो सौ मीटर हटाकर कांकाठेर की ओर बनाया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे
इस बार मेले में रैन बसेरों में ठहरने वाले श्रद्घालुओं के लिए जिला पंचायत द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे। इसमें रागिनी, रसिया, आल्हा, ढोला, नाटक एवं अन्य कार्यक्रमों होंगे। यह जानकारी जिला पंचायत अध्यक्ष कमलेश आर्य ने दी।
तैयारियां तेज, मेले का नक्शा तैयार
गजरौला। तिगरी धाम मेला की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन ने मेले का नक्शा भी तैयार कर लिया है, मेले के सदर बाजार समेत वैकल्पिक मार्गों को चिह्नित करने का कार्य पूरा हो चुका है। अब मार्गों को समतल करने का कार्य किया जा रहा है।
गंगा घाट पर मेला ग्राउंड में सदर बाजार के चौक को चिह्नित कर पैदल मार्ग और दुकानों के लिए निशान लगाने का काम कर लिया गया है। इसके अलावा मेले के सभी वैकल्पिक मार्गों को सदर चौक से जोड़ा जाएगा।
सदर चौक के पास ही कोतवाली बनाई जाएगी। कोतवाली के पास अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खेमे रहेंगे। ठेकेदार सुभाष ने बताया कि दो ट्रैक्टर रोड, दो सदर रोड, एक वीआईपी रोड, गंगा रोड और बैलगाड़ी रोड को समतल कर लिया गया है। जल्द ही पूले डाल कर रोड तैयार कर लिया जाएगा। बता दें कि 18 नवंबर से 25 नवंबर तक मेला लगेगा।