कौसानी (बागेश्वर)। आजादी बचाओ आंदोलन का दो दिवसीय शिविर कौसानी में शुरू हो गया है। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कार्यकर्ताओं और चिंतकों ने देश में चल रही कारपोरेट लूट पर चिंता जताई।
कौसानी के पंथ वीथिका सभागार में आयोजित सम्मेलन में हिमालय के दोहन पर नाराजगी व्यक्त की गई। सम्मेलन में अध्यक्षीय भाषण देते हुए प्रसिद्ध गांधीवादी सामाजिक कार्यकत्री राधा भट्ट ने कहा कि हिमालय को बचाना है तो यहां के पर्यावरण, लघु कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना होगा।
उन्होंने कहा कि इस दिशा में रचना, संघर्ष दोनों करने होंगे। प्रो. शेखर पाठक ने हिमालय की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि पर्वतीय अर्थव्यवस्था के परंपरागत तरीकों में जंगल केंद्र में था। परंपरागत बंदोबस्त के खत्म होने और तथाकथित विकास की धारा में पारिस्थितिकी तंत्र खतरे की जद पार कर रहा है। आजादी बचाओ आंदोलन से जुड़े स्वप्निल श्रीवास्तव ने संचालन किया।
सम्मेलन में राजीव लोचन साह, डॉ. मनोज त्यागी, मिथिलेश कुमार, अनिरुद्ध जड़ेजा, समीर बैनर्जी, डॉ. कपिलेश भोज, क्रांति भट्ट, श्रीश कपूर, डॉ. सुंदर सरुखे, विष्णु प्रकाश, बसंत पांडेय, ईश्वर जोशी, पूरन तिवारी, सुमन, इस्लाम हुसैन, अनिल कुमार, डीके जोशी, प्रदीप पांडे, किशन खत्री, मनोज पुरी, अनिल कुमार, कैलाश तिवारी, बसंत खनी सहित देशभर से आए कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।