थराली। तहसील सभागार में आयोजित श्रीनंदा देवी राजजात की तैयारी बैठक में नंदकेशरी पड़ाव के नोडल अधिकारी के मौजूद नहीं रहने पर लोगों ने रोष जताया। कहा गया कि यात्रा के दौरान नंदाजात और राजजात का मिलन नंदकेशरी में होता है। इस दौरान अल्मोड़ा और कुमाऊं से आने वाली विभिन्न डोलियां भी यहां शामिल होती है, लेकिन यहां की व्यवस्था पर अधिकारी उदासीन हैं।
उपजिलाधिकारी केएस नेगी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नारायणबगड़-भगोती मोटर मार्ग, कुलसारी में पार्किंग और आवासीय व्यवस्था, पड़ावों पर शौचालयों का निर्माण सहित सफाई व्यवस्था, कुलसारी, चेपड़ों सहित वाण और नंदकेशरी में विद्युत व्यवस्था, यात्रा मार्ग पर पेयजल व्यवस्था, वाण में मेडीकल टीम तैनात करने की मांग रखी गई। बैठक में 14 सयाने, ग्रामीण, लोक निर्माण विभाग, विकास विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि स्वास्थ्य, जलसंस्थान और जलनिगम के अधिकारी बैठक से नदारद थे।
दस प्रतिशत कार्य भी हुए
श्रीनंदा देवी राजजात के 19 पड़ावों में करीब 500 कार्य स्वीकृत हैं, लेकिन अभी तक केवल 10 प्रतिशत कार्यों पर काम शुरू हो पाया है। हालांकि जिम्मेदार अधिकारी कर्मियों की हड़ताल की बात कह रहे हैं। लेकिन सवाल उठ रहा है कि मात्र पांच माह में 90 फीसदी कार्य कैसे पूरे होंगे।