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चौथी सांस्कृतिक संध्या में रही गीतों की धूम

ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली। Updated Fri, 18 Nov 2016 09:32 PM IST
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mela - फोटो : अमर उजाला
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राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या में उत्तराखंड आइडियल सुशील राजश्री, संगीता ढौडियाल और अन्य सांस्कृतिक संस्थाओं के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। इस मौके पर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी ने लोक गायिका स्व. चंद्र सिंह राही के पुत्र वीरेंद्र सिंह नेगी को सम्मानित किया।
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भगवान बदरीविशाल की वंदना जय बदरी विशाल तेरी महिमा अपार... से शुरू हुए कार्यक्रम में गायिका संगीता ने अगेली बगेली लोंडा चंद्रा.., आई खखड़ी झिल मां... और सुशील राज ने पंजाबी सूफी गीत नित खैर मंगा की प्रस्तुति दी। आकाशवाणी कार्यक्रम से जुड़ी गायिका मंजली आर्य ने नाच ले आज बीरा, घुंघुरू बजै दे छमाछम..., कांति डिमरी ने हाय तेरी रूमाला, गुलाबी मुखड़ि... गीतों पर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक संध्या में जन जागरण कलामंच कुलसारी की टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इसके बाद देवभूमि उत्तराखंड कला मंच रुद्रप्रयाग, पिंडर घाटी सांस्कृतिक समिति थराली, अंकित फिल्म एवं सांस्कृतिक मंच देहरादून की सांस्कृतिक टीमों ने गढ़-कुमाऊंनी और जौनसारी संस्कृति पर आधारित लोकगीत और नृत्यों की भव्य प्रस्तुति दी। ब्लैक कोबरा मैजिक समूह श्रीनगर की टीम ने जादू के रोचक करतब दिखाए। स्टार नाइट में उत्तराखंड आइडियल गायक सुशील राज की और गायिका संगीता ढौडियाल ने मंच संभालकर लोक संस्कृति पर आधारित लंबी श्रृंखला प्रस्तुत की।

विदेशी सैलानी भी पहुंचे गौचर मेले में
गौचर। पांचवें दिन मेले में भीड़ उमड़ी। जिले में मेले के लिए छुट्टी के चलते मेला मैदान, पांडाल, प्रदर्शनी स्टॉल और बाजार मेलार्थियों से खचाखच भरा रहा। भीड़ से मेले में पहुंचे कारोबारी भी खुश दिखे। वहीं विदेशी सैलानियों का चार सदस्यीय दल भी मेले में आया और स्थानीय उत्पाद खरीदे। चार दिनों से मेले में कम लोग ही पहुंच रहे थे लेकिन शुक्रवार को उमड़ी मेेलार्थियों की भीड़ से आयोजकों और कारोबारियों के चेहरे भी खिले। स्वीडन की शोधार्थी छात्रा लीनिया, फैनी, कौरिन और साथ की अन्य युवती ने बताया कि स्थानीय संस्कृति, रहन-सहन और यहां के परिवेश को समझने के लिए एक माह पूर्व भारत आए हैं। यहां की समाज सेवी संस्थाओं से गौचर मेले के बार में पता लगने पर मेला देेखने पहुंच गए। यहां स्टॉलों पर लगे हस्तशिल्प की सामग्री बहुत पसंद आई।
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मेले में आज
- सुबह नौ बजे से खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन।
- दोपहर 12 बजे से महिला सशक्तिकरण गोष्ठी।
- अपराह्न तीन बजे से मकरव्यूह नाटिका का मंचन।
- शाम सात बजे से जागर गायिका बसंती बिष्ट, पवित्रा टम्टा और जौनसारी गायक नंदलाल भारती के कार्यक्रम।


शहीदों की पत्नियों को सम्मानित किया
गौचर। शुक्रवार को आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सम्मेलन में सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद किया गया। साथ ही वर्ष 1962 के युद्ध में शहीद हुए सैनिकों की पत्नियों को (35 महिलाएं) 3000 रुपये की नकद धनराशि, शॉल, साड़ी और कंबल और 24 अन्य शहीदों की पत्नियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छह कुमाऊं रेजीमेंट रुद्रप्रयाग के कमांडिंग ऑफिसर करनल राजीव नयन सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक अपनी शक्तियों की पहचान कर समस्याओं को सशक्त तरीके से उठाएं, जिससे समस्याओं का हल समय पर हो सके। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी करनल नवीन डबराल, पूर्व सैनिक कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष मेजर हरि सिंह चौधरी, उत्तराखंड पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष करनल डीएस बर्त्वाल, करनल राजेंद्र सिंह नेगी आदि वक्ताओं ने सैनिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न पेंशन, छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं का लाभ उठाने की बात कही। सम्मेलन में वक्ताओं ने पूर्व सैनिकों को राजनीतिक संगठन खड़ा कर ग्राम पंचायत से संसद तक संगठन के प्रतिनिधि चुनकर भेजने का आह्वान किया।

कानूनी जानकारी दी
गौचर। मेले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित संगोष्ठी में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिए  नि:शुल्क विधिक सहायता देने की जानकारी दी गई। प्राधिकरण के सचिव और सिविल जज रवि प्रकाश शुक्ला ने कहा कि प्राधिकरण विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जन को दिलाने के लिए प्रयासरत है।
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