पदोन्नति में आरक्षण के विरोध में अखिल भारतीय समानता मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान लोगों ने एसडीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर पदोन्नति में आरक्षण को पूर्ण रूप से समाप्त करने की जोरदार मांग की। यदि सरकार अपना निर्णय नहीं बदलती है, तो वह उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
बुधवार को देर रात विभिन्न कर्मचारी संगठन, सामाजिक संगठन, पेंशनर्स और छात्र संगठनों के लोग वीर कालू सिंह माहरा चौक में एकत्र हो गए। जहां से स्टेशन बाजार, चौक बाजार, खड़ी बाजार, मीना बाजार होते हुए एसडीएम कोर्ट तक कर्मचारी नारेबाजी के साथ मशाल जुलूस में शामिल हुए। वक्ताओं का कहना था कि पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था को खत्म कर देना चाहिए। आरक्षण किसी तरह के लाभ के बजाय समाज को बांटने का काम कर रहा है। आरक्षण की व्यवस्था 70 वर्ष पूर्व समाज को एकरूपता में लाने के लिए लागू की गई थी। जो अब प्रासंगिक नहीं है। इन संगठनों ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण देने की वकालत की।
मशाल जुलूस में ये लोग रहे शामिल
मुख्य संयोजक प्रहलाद सिंह मेहता, सह संयोजक पान सिंह मेहता, कोषाध्यक्ष संजय जोशी, सचिव रमेश सिंह देव, सदस्य गोविंद सिंह बोहरा, नगेंद्र कुमार जोशी, भूपेंद्र देव, सुरेश पाटनी, जगदीश तड़ागी, ईश्वरी लाल साह, कुंवर सिंह प्रथौली, राजेश चौबे, जगदीश अधिकारी, प्रदीप ढेक, दीपक अधिकारी, हयात सिंह तड़ागी, देवेंद्र बिष्ट, नवीन पांडेय, किशोर खर्कवाल, बची सिंह रावत, हरीश तिवारी, जीवन चंद्र राय, नरेश चंद्र जोशी, प्रदीप ढेक, सुनील कुमार पांडेय, गणेश चौथिया, नवीन जोशी, नंदाबल्लभ जोशी, राजू भैय्या, आशीष राय, आनंद सिंह, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजू गड़कोटी।