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यूपी, उत्तराखंड के किसानों के बीच संघर्ष की आशंका

Haridwar Updated Thu, 25 Oct 2012 12:00 PM IST
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लक्सर। गंगा खादर की जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल को लेकर एक बार फिर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के किसानों के बीच टकराव की आशंका बढ़ गई है। पहले भी इस जमीन को लेकर दोनों प्रदेशों के काश्तकारों के बीच विवाद होता रहा है।
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उत्तराखंड के हरिद्वार और उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की सीमा पर गंगा खादर में बड़े पैमाने पर जमीन खाली पड़ी है, जिस पर वर्तमान में गन्ने की फसल खड़ी है। पैमाइश न होने के कारण यह जमीन राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हो पाई है। लक्सर तहसील के भोगपुर, शेरपुरबेला, रणजीतपुर, खानपुर में गंगा के खादर में हजारों बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच विवाद होता रहता है। पिछले साल भी किसानों के बीच खूनी संघर्ष हो गया था। बिजनौर और हरिद्वार जिला प्रशासन के अधिकारियों ने पुराने भूमि बंदोबस्त दस्तावेजों के आधार पर संयुक्त पैमाइश शुरू कराई थी। इससे रणजीतपुर क्षेत्र की भूमि के विवाद को तो किसी तरह से निपटाया गया। लेकिन शेरपुर और बेलावाला में जलभराव होने के कारण पैमाइश का कार्य नहीं हो पाया था। कुछ समय पूर्व बिजनौर के किसानों ने फिर से खाली पड़ी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की। उस समय तहसील प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद इस जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। हरिद्वार जिला प्रशासन ने बिजनौर जिला प्रशासन को फिर पैमाइश के लिए लिखा, लेकिन अब तक यह काम नहीं हो पाया। सूत्रों के अनुसार, बिजनौर के किसान इस जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल को काटने की फिराक में हैं। ऐसे में दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच संघर्ष होने की आशंका है।
फसल काटकर सरकारी खाते में जमा कराया जाएगा पैसा
गंगा खादर में स्थित जमीन पर उगी गन्ने की फसल का सर्वे कराया जा रहा है। सरकारी जमीन पर खड़ी फसल को कटवाकर पैसा सरकारी खाते में जमा कराया जाएगा। किसी भी कीमत पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के किसानों को फसल नहीं काटने दी जाएगी।
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- मोहम्मद नासिर, एसडीएम लक्सर
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