रानीपुर कोतवाली पुलिस एवं एसओजी टीम के हत्थे चढ़े दो वाहन चोरों की निशानदेही पर 12 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। हत्थे चढ़े वाहन चोर सिडकुल में दिहाड़ी मजदूरी करते थे। वे हरियाणा एवं वेस्ट यूपी से ताल्लुक रखते है। ये सभी मोटरसाइकिल हरिद्वार से ही चोरी की थी।
सीओ सिटी कार्यालय में एसएसपी राजीव स्वरूप ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात रानीपुर पुलिस ने चेकिंग के दौरान चिन्मय डिग्री कालेज चौराहे के पास मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रोका। पूछताछ में वे बाइक के कागजात नहीं दिखा पाए। सख्ती से पूछताछ करने पर युवकों ने कबूला कि ये मोटरसाइकिल उन्होंने भेल क्षेत्र से चोरी की है और पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दिया है। एसओजी की मदद से सांईधाम कालोनी एवं गोविंदपुर दादूपुर में युवकों के कमरों से मोटरसाइकिल बरामद की गई। एसएसपी के अनुसार मोहसीन पुत्र इरशाद निवासी कुंढीगढ़ी घरौडा करनाल हरियाणा एवं योगेश पाल पुत्र राजकुमार पाल निवासी गढ़ी दबधुआ सरधना मेरठ सिडकुल की एक औद्योगिक इकाई में कार्यरत थे और तीन माह पहले नौकरी छोड़ दी थी। अब वे दिहाड़ी मजदूरी कर रहे थे और भेल क्षेत्र से लगातार मोटरसाइकिल चोरी कर रहे थे। इस दौरान एसपी सिटी मणिकांत मिश्रा, कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट, एसएसआई प्रदीप रावत मौजूद रहे।
ऐसे खपा देते थे वाहन
पूछताछ में वाहन चोरों ने बीस दोपहिया वाहन चोरी करने की बात कबूली है। कुछ वाहन वेस्ट यूपी में ग्रामीण क्षेत्र में औने पौने दाम में बेच दिए गए हैं। ये पांच से सात हजार के बीच वाहन बेच देते थे और एक बिचौलिया वाहन बिकवाता था। कम पढ़े लिखे ये चोर सुनसान या भीड़ वाले क्षेत्र से वाहन चोरी करते थे। फिर सीधे वाहन को अपने ठिकाने पर ले जाते थे। जब तक पुलिस सक्रिय होती थी तब तब ये अपने मकसद में सफल हो जाते थे।
ऐसे आया चोरी का आइडिया
श्रमिक से वाहन चोर बने इन युवकों को चोरी का आइडिया कुछ इस तरह आया। दरअसल, एक सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने के बाद जब युवक वापस जाने लगे। तब अपनी मोटरसाइकिल की बजाय दूसरी मोटरसाइकिल में चाभी लगा दी और संयोगवश लॉक भी खुल गया। यहां से ही आइडिया दिमाग में आया। ये केवल हीरो की मोटरसाइकिल चोरी करते थे या फिर वो जिनके लॉक आसानी से खुल जाते थे।
वाहन चोरों का हत्थे चढ़ना भी एक संयोग ही रहा। एक मोटरसाइकिल चोरी की सूचना पर जब पुलिस एक्टिव हुई तब अलग- अलग जगहों से सात युवकों को हिरासत में लिया। फिर पूछताछ में पांच युवक छोड़ दिए। संदिग्ध दो युवकों से जब पूछताछ हुई तब उन्होंने जुबान खोल दी।