हल्द्वानी। तस्करों के हौसले बुलंद है, वह जंगलात पर हमला करने में गुरेज नहीं कर रहे हैं। डौली रेंज के इमलीघाट में एक तस्कर को लकड़ी ले जाने को रोकने के लिए वन कर्मी ने कोशिश की, तो आरोप है कि उसने कार से उसे कुचलने की कोशिश की। बाद में कार का नंबर ट्रेस हो जाने के डर से वह कार को खाई में धकेल कर फरार हो गया।
इमलीघाट का इलाका लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है। यहां पर अवैध खनन भी धड़ल्ले से हो रहा है। इसके अलावा लकड़ी के तस्कर भी सक्रिय हैं। एसडीओ एनसी पंत ने बताया कि इमलीघाट के इलाके में बीट वाचर राजेंद्र लटवाल गश्त पर था। उसको जंगल में एक अल्टो कार संदिग्ध अवस्था में आती हुई दिखी, जब राजेंद्र ने उसको रोकने की कोशिश की तो उसने कार से वन कर्मी को कथित तौर पर कुचलने की कोशिश की। बाद में वह कार को खाई में धकेल कर फरार हो गया। कार को खाई से निकाल लिया गया है। इसमें शीशम की कई गिल्टे मिली हैं। कार के नंबर डीएल6 सी/ 6941 के आधार पर वाहन स्वामी का पता किया जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी ने बताया कि इलाके में सुरक्षा कर्मी बढ़ाए गए हैं।
कार का ट्रेड फिर बढ़ा
सेकेंड हैंड कार से तस्करी का तरीका पुराना है। वनाधिकारियों के अनुसार आमतौर पर कार पर संदेह कम होता है, इसके लिए तस्कर इसका इस्तेमाल करते हैं। पुरानी सेकेंड कार बीस हजार तक भी मिल जाती है। ऐसे में अगर एक से दो बार में शीशम, सागौन आदि महंगी लकड़ी की तस्करी करने में सफलता मिल गई, तो उसकी कीमत निकल आती है। ऐसे में अगर वाहन सीज भी हो जाए, तो कोई फर्क नहीं पड़ता है।